सत्ता संभालते ही मुंडा ने अपनाये कड़े तेवर, 40 इंजीनियर बर्खास्त
रांची। झारखण्ड में अर्जुन मुंडा सरकार ने शपथ लेने के साथ ही शनिवार को रिश्वतखोरी के आरोप में 40 इंजीनियरों की सेवा समाप्त कर दी। इसके अलावा मुंडा सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया।
मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद मुंडा ने कहा, "पारदर्शी सरकार देना हमारे एजेंडे में शामिल है। हमने रिश्वतखोरी के मामलों में संलिप्त 40 इंजीनियरों की सेवा समाप्त कर दी है। भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "मंत्रिमंडल की पहली बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सूखे के हालात से कैसे उबरा जाए। आनुषंगिकता कोष को 150 करोड़ से बढ़ाकर 750 करोड़ रुपये किया गया है और 123 करोड़ रुपये अगले 15 दिनों के भीतर फसल बीमा योजना के तहत किसानों को वितरित किए जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि सरकार सूखे के हालात पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की संस्तुति के अनुसार विश्वविद्यालय शिक्षकों को छठे वेतन आयोग द्वारा सुझाए गए वेतनमान दिए गए हैं। मुंडा ने कहा, "स्थिर और जवाबदेह सरकार देना भी हमारे एजेंडे में शामिल है।"












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