उत्तराखंड में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर

समूचे उत्तर भारत में जारी मानसूनी बारिश और भूस्खलन से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के प्रसिद्ध चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ यात्रा मार्ग सड़क पर मलबे के कारण बंद रहा। हरिद्वार के जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा का जलस्तर बुधवार शाम खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर था। रात में इसके और ऊपर जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील गांवों में लोगों को सचेत कर दिया गया है।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मुताबिक भारी बारिश के मद्देनजर प्रशासन ने संभावित खतरे से उबरने की पूरी तैयारी कर ली है। अग्निशमन व जल सेवा विभाग को सजग कर दिया गया है। साथ ही रिजर्व पुलिस बलों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। गंगा किनारे स्थित बिशनपुर गांव के आसपास चालीस गांव ऐसे हैं, जो तटबंध टूटने से बहाव की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी गांवों में मुनादी करा दी गई है कि लोग गांव छोड़ने को तैयार रहें।












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