कुरान की प्रति जलाने की योजना की हर जगह निंदा (राउंडअप)
एबीसी टेलीविजन के 'गुड मॉर्निग अमेरिका' कार्यक्रम के लिए दिए साक्षात्कार में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस योजना की भर्त्सना करते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सैनिकों की जान को खतरा हो सकता है। इस कदम से आतंकवादी संगठन अलकायदा को अप्रत्याशित बढ़त मिल जाएगी।
फ्लोरिडा के गेंसविले के डव वर्ल्ड आउटरीच सेंटर में पादरी टैरी जोन्स ने शनिवार को 'अंतर्राष्ट्रीय कुरान जलाओ दिवस' मनाने की योजना बनाई है।
ओबामा ने कहा कि यदि चर्च अपनी योजना पर कायम रहा और कुरान जलाया तो इससे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सेवा दे रहे अमेरिकी सैनिकों को खतरा हो सकता है।
ओबामा ने कहा, "देखिए, इस मौके का अल कायदा को अप्रत्याशित लाभ मिल जाएगा। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में गंभीर रूप से हिंसा फैल सकती है। इससे अमेरिका और यूरोप के शहरों में आत्मघातियों को अच्छा मौका मिल जाएगा।"
ओबामा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जोंस इस बात को समझेंगे कि उनकी यह योजना अमेरिकी होने के नाते हमारे मूल्यों के पूरी तरह विपरीत है, क्योंकि यह देश स्वतंत्रता और धार्मिक सहिष्णुता के आधार पर बना है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने बुधवार को कहा कि दुनिया का कोई भी धर्म कुरान जलाने की योजना को स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि कुरान जलाने की घटना से दुनियाभर में सद्भाव, बौद्धिक समझ और एक दूसरे की संस्कृति और धर्म के प्रति सम्मान पैदा करने के संयुक्त राष्ट्र और बहुत से अन्य लोगों के प्रयासों को धक्का लगेगा।
इधर, केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को मीडिया से आग्रह किया कि अमेरिका के एक पादरी द्वारा कुरान की प्रति जलाने की धमकी के मद्देनजर सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में सहायता करंे। उन्होंने कहा, "दुनिया भर के धार्मिक नेता भी इस प्रस्तावित कदम की भर्त्सना कर चुके हैं।" उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कृत्य से यकीनन धार्मिक समूहों में वैर बढ़ेगा।
चिदम्बरम ने कहा, "हम पादरी के कदम की निंदा करते हैं। यह किसी भी ऐसे शख्स के लिए अशोभनीय होगा जो खुद को धार्मिक मानता हो। इससे यकीनन विभिन्न धार्मिक समूहों में कड़वाहट और वैमनस्यता बढ़ेगी।"
चिदम्बरम ने कहा, "विभिन्न वर्गो के लोगों में सद्भाव और शांति बनाए रखने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति इस कदम को नजरंदाज नहीं कर सकता।" उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिकी सरकार इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, "अमेरिकी प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करते हुए हम भारतीय मीडिया-प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक- दोनों से अपील करते हैं कि वे इस निंदनीय कृत्य को प्रकाशित या प्रसारित करने से बचें।"
चिदम्बरम ने कहा, "हम अगले कुछ दिनों तक मीडिया से बेहद संयम बरतने और सांप्रदायिक शांति एवं सद्भाव बनाए रखने में मदद करने की भी अपील करते हैं।"
उधर, अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल डेविड पेट्रियस ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस कृत्य से अमेरिका को इराक के अबू गरेब जेल मामले से ज्यादा नुकसान हो सकता है।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक पेट्रियस ने स्थानीय समाचार चैनल 'एनबीसी' के जरिए कहा कि इस्लामिक चरमपंथी जलते हुए कुरान के चित्रों का इस्तेमाल लोगों को भड़काने के लिए कर सकते हैं। इससे अफगानिस्तान और दुनिया के अन्य हिस्सों में अमेरिकी सेनाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, "हमें चिंता है कि जलते हुए कुरान के चित्रों का चरमपंथी उसी तरह इस्तेमाल कर सकते हैं जिस तरह से अबू गरेब जेल के चित्रों का इस्तेमाल किया गया था। और यह छवि अमिट हो सकती है।"
इस बीच ईसाइयों की शीर्ष धार्मिक संस्था वेटिकन ने कुरान की प्रति जलाने की घोषणा को 'घृणित एवं चिंताजनक कदम' करार दिया है।
वेटिकन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हिंसा के निंदनीय कार्यो के बदले किसी धार्मिक समुदाय द्वारा पवित्र समझे जाने वाले किसी ग्रंथ के साथ ऐसा घृणित और चिंताजनक कार्य नहीं किया जा सकता।"
बयान में कहा गया, "प्रत्येक धर्म, अपने पवित्र ग्रंथों, इबादतगाहों और प्रतीकों के साथ सम्मान और संरक्षण का हकदार है।" इस घोषणा की दुनिया भर में निंदा हो रही है और अफगानिस्तान एवं इंडोनेशिया में प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
उधर, ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला सफी गोल्पायगनी ने कड़ी निंदा करते हुए गुरुवार को अमेरिकी प्रशासन से इसकी योजना बना रहे पादरी को गिरफ्तार करने की मांग की। अयातुल्ला ने कहा, "आधे अरब मुसलमानों की ओर से मैं इस कुत्सित योजना की निंदा करता हूं और इसके परिणामों की चेतावनी देता हूं।"
ईरान के सरकारी टेलीविजन 'आईआरआईबी' की वेबसाइट के मुताबिक अयातुल्ला ने कहा, "इस पादरी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उसकी चर्च को बंद किया जाना चाहिए।"
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस जघन्य और अमानवीय कार्य को अंजाम दिया गया तो मुस्लिम, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन को इसका जिम्मेदार मानेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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