पगड़ी विवाद : सिखों की मांग पर पोलैंड झुका
सुरेंद्र भूटानी
वारसा, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। पोलैंड के अधिकारी आखिरकार सिखों की उस मांग पर झुक गए जिसमें कहा गया था कि हवाई अड्डे पर सुरक्षा की दृष्टि से होने वाली जांच विशेष कमरे में कराई जाए, क्योंकि सिखों को अपनी पगड़ी हटाने के लिए कहा जाना 'बेहद संवेदनशील' मामला है। यह विवाद पिछले तीन महीने से चल रहा था।
हवाई अड्डे के सुरक्षा कमांडर विस्लाव राबैन ने बुधवार की सुबह पोलिश टीवी से कहा कि प्रस्ताव तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया गया है तथा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
राबैन ने सिख समुदाय से कहा कि वे यूरोपीय संघ द्वारा निर्धारित किए गए नियमों के पालन में उनको सहयोग दें।
उल्लेखनीय है कि पोलैंड में रहने वाले सिख हवाई अड्डे पर सुरक्षा कारणों से पगड़ी हटाने के लिए कहे जाने से नाराज थे। यह विवाद पिछले तीन महीने से चल रहा था। सिख यात्रियों ने हालांकि इस पर नाराजगी जताई थी और उन्होंने अनिच्छा से आदेश को स्वीकार कर लिया था।
पोलिश गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जे.जे. सिंह ने आईएएनएस से कहा, "पोलैंड में रहने और काम करने वाले सिखों के लिए यह बेहद संवेदनशील मामला है। ऐसा भेदभाव सिर्फ सिखों के साथ ही नहीं, बल्कि परंपरावादी यहूदियों के साथ भी किया जाता है। सुरक्षा जांच के समय उन्हें टोपी हटाने को कहा जाता है।"
उन्होंने बताया, "यहां तक कि पोलिश ननों को उनका स्कार्फ हटाने के लिए कहा जाता है। वैश्विक आतंकवाद के इस युग में पोलैंड जैसे देश के सुरक्षा बल अफगानिस्तान में तैनात हैं। ऐसे में आतंकवादियों की नजर उन पर होगी। हम पोलैंड के अधिकारियों की चिंता से वाकिफ हैं। हमने उनसे कहा है कि सुरक्षा जांच के लिए ननों की तरह सिखों को विशेष कमरे में ले जाया जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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