हरियाणा में यमुना उफान पर, 30 गांवों में बाढ़
बाढ़ के पानी की वजह से अंबाला-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 73 और चारौली-पोंटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 73-ए की तरफ से यातायात का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है।
जिले के खिलजराबाद, खिजरी, लेदीलाडा और जलाना गांवों की फसलें डूब गई हैं। यमुनानगर जिले के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को हथिनिकुंड बैराज से 600,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे यमुना नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। हाल में दिल्ली की तरफ सबसे अधिक पानी छोड़ा गया है, जिससे दिल्ली में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है।
यमुनानगर के उपायुक्त अशोक सांगवान ने बातया कि प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया, "यमुना नदी के जलस्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है जिसमें कल से ही काफी वृद्धि हुई है।"
इधर, यमुनानगर जिला प्रशासन ने जिले के लोगों से बच्चों को नदी से दूर रखने का आग्रह किया है साथ ही ग्राम पंचायतों को भी प्रशासन के साथ संपर्क में रहने को कहा गया है।
इसके अलावा अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र और सोनीपत प्रशासन को भी सतर्क कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न भागों में मूसलाधार बारिश की वजह से यमुना, सोम, पथराला, मारकांडा, तंगरी और अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। अंबाला जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
अंबाला के उपायुक्त एस.पी. स्रो ने कहा, "मारकांडा और तंगरी नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। पानी हालांकि जिले के कुछ निचले इलाकों में प्रवेश कर गया है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अनुक्रिया बल को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सतर्क कर दिया गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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