पुलिसकर्मियों की रिहाई सरकार की जीत नहीं : पासवान
पासवान ने पुलिसकर्मियों की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि इन्हें पुलिस ने नहीं छुड़ाया बल्कि नक्सलियों ने खुद इन्हें छोड़ा। उन्होंने इसे नक्सलियों की उदारता बताते हुए कहा कि नक्सली जब चाहते इन्हें मार देते और ऐसे में सरकार इसे अपनी जीत ना समझे।
उन्होंने कहा, "सर्वदलीय बैठक के बाद नक्सलियों ने लोगों को छोड़ने की पहल की। अगर घटना के तुरंत बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती तो रिहाई में इतना समय नहीं लगता। राज्य में खुफिया तंत्र पूरी तरह विफल हो गया है। नक्सलियों ने पुलिसकर्मियों को जंगल में बंधक बनाकर रखा था लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब नीतीश कुमार की सरकार बनी थी तो राज्य के छह जिले नक्सल प्रभावित थे और आज 32 जिले नक्सल प्रभावित हैं। "
उल्लेखनीय है कि लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र में 29 अगस्त को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद अभय यादव, रूपेश सिन्हा, लुकस टेटे तथा एहतशाम खान को नक्सलियों ने अपने कब्जे में ले लिया था। बाद में लुकस की हत्या कर दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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