कृष्णा ने लोकसभा में चीन पर बयान दिया
नई दिल्ली । विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने लोकसभा में मंगलवार को कहा कि हिंद महासागर में चीनी गतिविधियों पर भारत बराबर नजर रखे हुए है। कृष्णा ने कहा, "भारत सरकार ने महसूस किया है कि चीन ने हिंद महासागर मामलों में सामान्य से अधिक रुचि दिखाया है। इसलिए हम चीन के इरादों पर बराबर नजर रखे हुए हैं।" उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि देश की क्षेत्रीय अखंडता और मछुआरों की बेहतरी की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि कृष्णा ने अपने बयान में 'सामान्य से अधिक रुचि' की व्याख्या नहीं की। कृष्णा ने ये बयान 'बीजिंग की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अतिरिक्त अधोसंरचना के निर्माण के साथ-साथ गिलगित-बाल्तिस्तान क्षेत्र में चीनी सैनिकों की तैनाती की योजना' की खबरों के बीच में दिया है। चीन ना केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है बल्कि श्रीलंका और मालदीव्स जैसे भारत के पड़ोसी देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है।
कृष्णा एक श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों पर किए गए हाल के हमलों पर डीएमके के टीआर बालू द्वारा लाए गए एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बयान दे रहे थे। भारतीय मछुआरों के दर्द पर चिंता व्यक्त करते हुए बालू ने कहा कि जब 1974 में कचाथीवू द्वीप पर भारत-श्रीलंका के बीच समझौता हुआ था।
बालू ने सरकार से मांग की कि कट्चाथीवू पर हुए समझौते का पुनरावलोकन किया जाए और श्रीलंकाई नौसेना के हमलों से भारतीय मछुआरों को बचाने के लिए समुद्र में गश्त बढ़ाई जाए। हालांकि कृष्णा ने समझौते के पुनरावलोकन की बात को खारिज कर दिया और कहा कि हम दोनों सरकारों के बीच हुए महत्वपूर्ण करार पर पीछे नहीं हट सकते। कृष्णा ने कहा कि विदेश सचिव निरूपमा राव अक्टूबर में श्रीलंका जाने वाली हैं और उस दौरान वह इस मुद्दे पर वहां चर्चा करेंगी।












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