मैच फिक्सिंग विवाद : 'आरोपी तिकड़ी' पीसीबी अधिकारियों से मिलेंगे (राउंडअप)
इन तीनों खिलाड़ियों को गुरुवार से काउंटी क्लब समरसेट के साथ खेले जाने वाले अभ्यास मैच से बाहर कर दिया गया है। इन तीन खिलाड़ियों के साथ इस मामले में बुधवार को पूछताछ होनी थी लेकिन इस प्रक्रिया को गुरुवार तक के लिए टाल दिया गया।
पाकिस्तानी टीम के प्रबंधक यावर सईद ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा है कि चूंकि तीनों खिलाड़ी गुरुवार को लंदन में रहेंगे, लिहाजा इनका अभ्यास मैच में खेल पाना संभव नहीं। सईद ने पूछताछ का कार्यक्रम टाले जाने का कोई और कारण नहीं बताया।
इस बीच पाकिस्तान टीम के कोच वकार यूनुस ने कहा, "मैं फिर से टीम को उत्साहित करने की कोशिश कर रहा हूं ताकि अगले कुछ मैचों में वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। मैं बस यही कर सकता हूं।"
उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर यह बड़ी चुनौती है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा हूं।"
आसिर्फ की पूर्व प्रेमिका वीणा मलिक भी गुरुवार को पाक्स्तिान में आईसीसी के जांच अधिकारियों से मिलेंगी।
बट्ट, आमेर और आसिफ के शुक्रवार को टांटन लौटने की उम्मीद है। इसी स्थान पर इंग्लैंड और पाकिस्तान की टीमों के बीच रविवार को ट्वेंटी-20 मैच खेला जाना है। इन तीन खिलाड़ियों को बुधवार को ही लंदन पहुंचना था लेकिन इस दिन ये दोपहर तक टांटन में अपने होटल के कमरों में ही बंद रहे। लगभग 12 बजे दोपहर में ये तीनों लंदन के लिए रवाना हुए।
इन तीनों का नाम ब्रिटेन के एक समाचार पत्र द्वारा कराए गए स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया है। तीनों पर आरोप है कि ब्रिटेन में रहने वाले पाकिस्तानी व्यापारी मजहर माजिद से धन लेकर इन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट के खास क्षणों के दौरान स्पॉट फिक्सिंग की थी।
माजिद ने समाचार पत्र 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' से दावा किया था कि कप्तान बट्ट सहित कई खिलाड़ी उसकी मुट्ठी में हैं और वह पैसे के दम पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लॉर्ड्स टेस्ट मैच में नो-बॉल फेंकने के लिए तैयार कर सकता है। माजिद का दावा ठीक निकला और उसके बताए गए क्षण में ही पाकिस्तानी तेज गेंदबाज आसिफ और आमेर ने नो-बॉल फेंकी थी।
इस मामले में स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने माजिद को गिरफ्तार किया था। हालांकि उसे एक दिन बाद ही जमानत मिल गई थी लेकिन स्कॉटलैंड यार्ड की जांच अभी भी जारी है। माजिद के खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं लेकिन उसे पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने के लिए कहा गया है।
इस बीच, ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द सन' ने खबर दी है कि 'एचएम रेवेन्यू एंड कस्टम विभाग' ने धन के अवैध लेन-देन से जुड़े एक अलग मामले में जारी जांच के अंतर्गत माजिद और उसकी 35 वर्षीया पत्नी शेलिजा मांजी और उसके एक 49 वर्षीय सहयोगी को उसके घर से रविवार को दोबारा गिरफ्तार किया था। तीनों को उसी दिन रिहा कर दिया गया।
विभाग के मुताबिक माजिद ने दो वर्ष पहले क्रोएडोन एथलेटिक फुटबाल क्लब में हिस्सेदारी खरीदी थी और तब से लेकर आज तक उसने इस क्लब में काफी पैसा लगाया है। साथ ही वह एक फर्म का मालिक है, जिसका नाम ब्लूस्काई डेवलपमेंट्स है। विभाग ने कहा है कि मैच फिक्सिंग विवाद के सामने आने से पहले से ही उसकी नजर माजिद पर थी।
इधर, काउंटी क्लब यार्कशायर से खबर है कि मैच फिक्सिंग के भूत के भय से प्रशंसक इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जाने वाली आगामी एकदिवसीय श्रृंखला से अपना मुंह मोड़ रहे हैं। प्रशंसकों ने टिकट के बदले खर्च किए गए पैसे के भुगतान की मांग की है।
समाचार पत्र 'द गार्जियन' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक यार्कशायर क्रिकेट क्लब ने कहा है कि बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने 12 सितंबर को हेडिंग्ले में खेले जाने वाले इंग्लैंड-पाकिस्तान एकदिवसीय मुकाबले के टिकटों के बदले पैसे वापस मांगे हैं। क्लब ने इसे लेकर इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के सामने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
उधर, आस्ट्रेलिया के एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक पिछले साल इंग्लैंड दौरे के समय शेन वाटसन और ब्रैड हेडिन से संपर्क साधने वाले भारतीय सट्टेबाजों ने आस्ट्रेलियाई टीम के दो तेज गेंदबाजों ब्रेट ली औ मिशेल जानसन से भी फिक्सिंग के सिलसिले में मुलाकात थी। इसके तत्काल बाद ही इन दोनों ने टीम प्रबंधन को इस बारे में अवगत करा दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications