जन्माष्टमी : देशभर में चल रही हैं तैयारियां (लीड-1)
नई दिल्ली, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। देशभर में हर्षोल्लास के साथ जन्माष्टमी पर्व मनाने की तैयारियां चल रही हैं। गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए जगह-जगह पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की विशेष व्यवस्था की गई है और इससे जुड़ी दही हांडी या मटकी फोड़ प्रतियोगिता
के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने अपने बधाई संदेश में जन्माष्टमी के पर्व को भगवान कृष्ण की शिक्षाओं-अनुशासन, ज्ञान और नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने का उत्सव है।
भगवान कृष्ण के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाने वाला हिन्दुओं का यह पावन त्योहार जन्माष्टमी सूर्यपुत्री यमुना की प्रादुर्भाव स्थली यमुनोत्री धाम पर बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यमुना के उद्गम स्थल यमुनोत्री धाम पर गुरुवार को दिनभर भजन कीर्तन का आयोजन होगा और शाम को विशेष पूजा होगी।
मध्य प्रदेश में बुधवार को ही श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। तमाम मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी है और आकर्षक साज-सज्जा की गई है। भक्तों का मंदिरों मे जमावड़ा लगा हुआ है।जन्माष्टमी के मौके पर सुबह से ही देवालयों में भक्तों की भीड़ उमड पड़ी है। श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज रहे हैं और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं।
ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, सागर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस मौके पर जगह-जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयेाजन किया गया है। भोपाल के नेहरू नगर में 51 फुट ऊंचाई पर लगी मटकी फोड़ी जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी हैं।
मुंबई और उसके आस-पास के शहरों में इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से जुड़े लोकप्रिय खेल दही हांडी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कई स्थानों पर तो इसके लिए 25 लाख रुपये तक का पुरस्कार रखा गया है जबकि पिछले साल स्वाइन फ्लू फैलने के कारण यहां इस त्योहार का जश्न फीका रहा था।
सामान्यतौर पर जन्माष्टमी के दूसरे दिन दही हांडी उत्सव मनाया जाता है। इस विशेष आयोजन में दूध, दही, सूखे मेवे और घी से भरी एक मटकी को 20 से 30 फुट की ऊंचाई पर लटकाया जाता है और गोविंदाओं को इस तक पहुंचकर इसे हासिल करना होता है।
वृंदावन, मथुरा और आगरा में जन्माष्टमी पर्व मनाने के लिए उत्साहित श्रद्धालु घाटों पर जमा हो गए हैं। यहां गुरुवार को जन्माष्टमी के रूप में श्रीकृष्ण का जन्मदिन मनाया जाएगा।
मथुरा में जिला अधिकारियों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। जन्माष्टमी के मुख्य समारोह यहीं होते हैं। इस अवसर पर एक लाख भक्त पहले ही मथुरा पहुंच गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं।
पटना सहित बिहार के अधिकांश मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। बाजारों में भी चहल-पहल देखी जा रही है।
पटना के रामजान का चौराहा स्थित राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ मंदिर में जन्मोत्सव की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात को भजन-कीर्तन और भगवान कृष्ण की झांकी की भी तैयारी की गई है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद तथा मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। हिन्दु धर्म ग्रथों के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी व्रत की बड़ी महिमा बताई गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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