भारतीय मूल के चिकित्सक ने किया पथरी का जटिल ऑपरेशन
इस बच्चे, बेन्जामिन व्हाइट, की किडनी में मौजूद 16 पथरियों में से कई चार सेंटीमीटर से ज्यादा बड़ी थीं। ऑपरेशन असफल होने पर बच्चे की जान जाने का खतरा था।
स्थानीय समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक चिकित्सकों के सामने लेजर तकनीक के जरिए इन पथरियों को हटाने में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि लेजर ट्यूब्स काफी बड़ी साबित हो रही थीं।
शेफील्ड चिल्ड्रन्स अस्पताल में भारतीय मूल के यूरोलॉजी विशेषज्ञ और बाल चिकित्सा सलाहकार प्रसाद गोडबोले ने इस चुनौती का सामना करते हुए ऑपरेशन के लिए आधुनिक लेजर फाइबर का उपयोग किया। इस फाइबर की मोटाई केवल एक बाल के बराबर होती है। चिकित्सक ने इस फाइबर को बेंजामिन के शरीर में डालकर उससे लेजर किरणें प्रवाहित कीं। किरणों की तेज गर्मी से विस्फोट के जरिए पथरी को खत्म किया गया।
गोडबोले ब्रिटेन में इस जोखिमपूर्ण तकनीक का उपयोग करने वाले एकमात्र चिकित्सक हैं। नार्थेम्प्टन में एक बैंक के मैनेजर बेन्जामिन के पिता डेनियल व्हाइट (35) ने कहा कि गोडबोले ने बेहतरीन काम किया।
उन्होंने कहा, "जब हम बेन्जामिन को शेफील्ड अस्पताल में लाए तो हमें कुछ पथरियां होने की उम्मीद थी लेकिन जब यहां जांच हुई तो पता चला कि उसकी किडनी में ईंटों की एक दीवार की तरह पथरियां मौजूद हैं।"
डेनियल ने कहा, "गोडबोले की दक्षता और प्रतिबद्धता शानदार है। उन्होंने इस डरावनी प्रक्रिया को हमारे लिए बहुत आसान बना दिया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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