चिली में खदान में फंसे मजदूर ने दी थी चेतावनी
किशोर जिमी सान्चेज (19) की मित्र और उसकी दो महीने की बेटी की मां हेलेन अवालोस (17) ने कहा कि 2,300 फुट की गहराई पर काम कर रहे सान्चेज ने खदान में चट्टानें गिरते देखी थीं और इसके बारे में उसने अपने अधिकारियों को भी चेताया था।
चिली की राजधानी सेंटियागो से 700 किलोमीटर उत्तर में स्थित इस खदान में जमीन धंसने के कारण पिछले पांच अगस्त से ये मजदूर फंसे हुए हैं।
स्थानीय समाचार पत्र 'द सन' के मुताबिक हेलेन ने कहा, "वह हमेशा खदान में जाते हुए डरता था। उसने कहा था कि उसे लगता है कि कुछ डरावना होने वाला है। जिमी डरा हुआ था क्योंकि उसे डर था कि भूकंप आने पर वह वहां फंस जाएगा। उसने अपने अधिकारियों को चेतावनी दी थी लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। किसी ने उनकी सुरक्षा की चिंता नहीं की।"
हेलेन और उसकी बेटी बारबरा खदान के बाहर लगाए गए शिविर में रुके हैं।
मजदूरों को बाहर निकालने के लिए 31 टन वजनी ड्रिलिंग मशीन के जरिए चट्टानों में 66 सेंटीमीटर चौड़ा और 700 मीटर गहरा गड्डा खोदने का काम शुरू कर दिया गया है। गड्डे को 50 फुट प्रतिदिन की रफ्तार से गहरा किया जा रहा है। इस रफ्तार से काम होने पर भी मजदूरों को बाहर निकालने में चार महीने का समय लग जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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