गुलामी की याद दिलाते हैं राष्ट्रमंडल खेल : शिवराज (लीड-1)

चौहान ने रविवार को भोपाल में राष्ट्रीय खेल दिवस पर शिखर खेल अलंकरण समारोह में कहा कि राष्ट्रमंडल का विरोध वे इसलिए नहीं कर रहे क्योंकि यह हमारी इज्जत से जुड़ गया है। इतना जरूर है कि यह खेल हमें गुलामी की याद दिलाते हैं।

उन्होंने कहा कि 1930 में यह खेल तब शुरू हुए थे जब भारत ब्रिटेन का गुलाम था। ब्रिटेन हमारा मित्र देश है, लिहाजा हम उसका आधिपत्य स्वीकार नहीं सकते। यही कारण है कि अमेरिका जैसे देश ने राष्ट्रमंडल खेलों से अपने को अलग कर लिया है।

तात्याटोपे राज्य खेल परिसर में आयेाजित समारोह में मुख्यमंत्री चौहान ने 10 खिलाड़ियों को विक्रम पुरस्कार, 13 को एकलव्य पुरस्कार, तीन प्रशिक्षकों को विश्वामित्र पुरस्कार व एक खेल प्रमोटर को लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया। एकलव्य पुरस्कार में 25 हजार शेष सभी को प्रशस्ति पत्र के साथ 50-50 हजार रुपये प्रदान किए गए।

इस समारोह में सरकार द्वारा विक्रम पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को नौकरी देने के फैसले पर अमल करते हुए कुल 21 खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री चौहान ने नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

अलंकरण समारोह में सांसद कैलाश जोशी, प्रदेश के खेल मंत्री तुकोजी राव पवार के अलावा कुश्ती में ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार भी मौजूद थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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