हिमाचल में बारिश से सेब उत्पादक परेशान
व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल सेब की कीमत में 35 से 45 फीसदी की कमी आई है।
शिमला में धल्ली सेब बाजार समिति के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चंदेल ने आईएएनएस को बताया कि राज्य के थोक भाव के बाजारों में पिछले हफ्ते सेब की कीमतों में कमी देखी गई।
उन्होंने कीमत में गिरावट के लिए परिवहन व्यवस्था में व्यवधान को जिम्मेदार ठहराया। इसकी वजह से फल की सबसे बड़ी मंडी, दिल्ली के आजादपुर मार्केट और अहमदाबाद, बेंगलुरू और लखनऊ जैसे बड़े शहरों व पंजाब और हरियाणा को सेब की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
चंदेल ने कहा, "बाढ़ के हालात को देखते हुए सेब उत्पादक दिल्ली, अमृतसर, जालंधर और करनाल जैसे शहरों में अपना फल भेजने में हिचक रहे हैं। उत्पादक किसान समीप के बाजारों में अपने फलों की बिक्री को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां उन्हें सेबों की अच्छी कीमत नहीं मिल पा रही है।"
एक अन्य प्रमुख सेब उत्पादक किसान, गोपाल मेहता ने कहा, "स्थानीय बाजारों में सेब की अधिक उपलब्धता के कारण इसकी कीमतों में भारी कमी आई है। यह अस्थाई स्थिति है। बाद में स्थिति में सुधार आएगा।"
प्रधान सचिव (बागवानी ) वी. सी. फर्का ने कहा,"हमने उत्पादक किसानों को जल्दी तैयार होने वाली सेब की फसल न लगाने का सुझाव दिया है। इसके चलते बाजार में फलों की भरमार लग जाती है और कीमतों में कमी आ जाती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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