फ्रांस से रोमा लोगों का निष्कासन दुर्भाग्यपूर्ण : व्यालार रवि
व्यालार रवि ने आईएएनएस से कहा, "रोमा लोगों को देश से निष्काषित करने का फ्रांस सरकार का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन मुझे उम्मीद है कि वह इस मामले पर फिर से विचार करेंगे।"
संयुक्त राष्ट्र, एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य मानव अधिकार संगठनों के विरोध के बावजूद फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने रोमा समुदाय के लोगों के सामूहिक निष्कासन का आदेश जारी किया है। फ्रांस में यह लोग रोमानिया और बुल्गारिया से आए हैं। रोमा समुदाय के लोगों पर आरोप लगाया गया है कि वह दंगे और अपराध करते हैं।
इस साल 8,000 से ज्यादा रोमा लोग फ्रांस छोड़ चुके हैं। फ्रांस सरकार देश छोड़ने के बदले में उन्हें प्रति वयस्क 300 यूरो और प्रति बच्चा 100 यूरो का मुआवजा दे रही है।
उत्तर भारत के मूल निवासी माने जाने वाले रोमा (जिप्सी) लोगों को आक्रमण कारी गुलाम बनाकर तुर्की और अफगानिस्तान लेकर आए थे। जहां से 14वीं और 15 शताब्दी में यह मध्य और पूर्वी यूरोप में फैल गए। यहां उन्हें लगातार भेदभाव झेलना पड़ा।
प्रख्यात अभिनेता चार्ली चैपलिन और नोबल पुरुस्कार विजेता वैज्ञानिक अगस्ट क्रेग सैकड़ों प्रसिद्ध रोमा लोगों में से थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications