पाकिस्तान बाढ़ : 2.3 अरब डॉलर की फसलें तबाह (राउंडअप)

बाढ़ राहत कार्यो में लगे अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के कर्मचारियों को आतंकवादियों से खतरा होने की बात को खारिज करत हुए पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि एजेंसियों ने ऐसे किसी खतरे की आशंका नहीं जताई है।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि देश में भारी बाढ़ से 26 लाख एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है और करीब 2.35 अरब डॉलर मूल्य की फसलें तबाह हुईं हैं।

देश के बैंकिंग क्षेत्र की एक बैठक में गुरुवार को जरदारी ने कहा कि बाढ़ से देश में जानमाल और बुनियादी ढांचे का भारी नुकसान हुआ है और करीब 75 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि प्रभावित इलाके के कर्जदारों को वसूली से राहत देने के साथ ही नई आर्थिक गतिविधियों के लिए कर्ज भी मुहैया कराने के उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि और आवास क्षेत्र इस बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है और बैंकों को इस स्थिति से निपटने के लिए अपने पेशेवर कौशल का उपयोग करना चाहिए।

सरकार अगले महीने किसानों को मुफ्त बीज के साथ ही ईद-उल-फितर से पहले प्रति परिवार 5,000 रुपये राहत की पहली किस्त के तौर पर देगी।

सिंध प्रांत के कई शहरों में पानी घुसने के बाद प्रशासन ने इन शहरों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा था। एक अधिकारी ने बताया कि तीन शहरों में बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा है। हैदराबाद से लेकर थाट्टा जिले तक के निचले इलाकों में पानी भर गया है और सड़के टूट गई हैं।

थाट्टा जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी हदी बख्श ने बताया, "जिले में नदी के तटबंध में दरार आने की वजह से कई गांवों में पानी भर गया है। हमने सुजवल, मिरपुर भतेरो और दरुआन के तकरीबन 400,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है।"

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने इस आशंका से इंकार किया कि आतंकवादी बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान में राहत कार्यो में जुटे अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी एजेंसियों के कार्यकर्ताओं को निशाना बना सकते हैं।

मलिक ने यहां शुक्रवार को बीबीसी से बातचीत में कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को इस तरह की कोई धमकी मिलने की सूचना नहीं दी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "अगर सचमुच कोई धमकी मिली तो उससे निपटने के लिए सरकार के पास पूरी क्षमता है।"

इससे पहले मीडिया में खबर आई थी कि अमेरिकी अधिकारियों को इस बात की आशंका है कि पाकिस्तान में बाढ़ की विभीषिका के बाद सहयोग दे रहे विदेशियों पर आतंकवादी हमला कर सकते हैं।

पाकिस्तान में बाढ़ की विभीषिका 28 जुलाई को खबर-पख्तूनख्वा से शुरू हुई और यह बलूचिस्तान, पंजाब तथा सिंध प्रांत में बुनियादी ढांचे को बहा ले गई। बाढ़ के कारण 1,600 से अधिक लोगों की मौत हो गई और दो करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हो गए।

पाकिस्तान में बाढ़ राहत के लिए राशि एकत्रित करने में संयुक्त अरब अमीरात के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अबू धाबी में एक टेलीविजन कार्यक्रम के जरिए पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों के लिए करीब 4.3 करोड़ दिरहम (1.1 करोड़ डॉलर ) की सहायता राशि जुटाई गई है।

पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों के लिए नाव, तम्बू, कंबल, जनेरेटर, दवाइयां और भोजन की तत्काल जरूरत है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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