कश्मीर में फिर 1 युवक की मौत, चिदंबरम को शांति की उम्मीद (राउंडअप)

श्रीनगर में सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान (एसकेआईएमएस) में तीन दिन तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 18 वर्षीय उमर कयूम भट की मौत हो गई। उसके बाद एक उग्र भीड़ ने सौरा इलाके में सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया।

एसकेआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक सैयद अमीन ताबिश ने कहा "भट को सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके फेफड़े में चोट थी और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।"

चिकित्सकों ने भट को अस्पताल के हृदय संबंधी गहन चिकित्सा इकाई में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा था, जहां बुधवार सुबह उसने अंतिम सांस ली।

स्थानीय नागरिकों और भट के रिश्तेदारों का आरोप है कि पिछले शुक्रवार को सौरा इलाके में सुरक्षा बलों और पथराव करने वालों के बीच हुए संघर्ष के दौरान युवक की पिटाई की गई थी।

भट, श्रीनगर शहर के सौरा के पास अंकार मुहल्ले का निवासी था। उसका शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने उसके अंतिम संस्कार के लिए शव यात्रा निकाली और शाम को उसे सुपूर्द-ए-खाक कर दिया गया।

भट के निधन की खबर फैलते ही सौरा इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। एक उग्र भीड़ ने सौरा इलाके में एक सुरक्षा चौकी पर हमला किया और एक पुलिस वाहन व एक निजी वाहन को आग लगा दी। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके साथ ही पंप एक्शन गन (पीएजी) के जरिए गोलियां भी दांगी।

सौरा इलाके में हुए इस संघर्ष में एक दर्जन पुलिस कर्मी और पांच प्रदर्शनकारी घायल हो गए। घायलों को एसकेआईएमएस में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने कहा कि चार लोगों को छर्रे लगे हैं और वे खतरे से बाहर हैं।

इस बीच दक्षिण कश्मीर के पंपोर कस्बे में एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया। वहां एक भीड़ ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक काफिले पर हमला बोल दिया था।

पुलिस ने बताया कि घायल व्यक्ति को कंधे में गोली लगी है और उसे इलाज के लिए श्रीनगर स्थानांतरित कर दिया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने रणनीतिक श्रीनगर-मुजफ्फराबाद मार्ग को भी उत्तरी कश्मीर के बारामूला कस्बे के पाल्हलान गांव में जाम कर दिया।

प्रशासन ने श्रीनगर शहर के नौ थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया है। इसके अलावा सौरा और शेरगढ़ी पुलिस थाना इलाकों में आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग व मध्य बड़गाम कस्बों में भी कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।

सैयद अली गिलानी के नेतृत्व वाले अलगाववादी हुर्रियत समूह ने अपने 'कश्मीर छोड़ो अभियान' के तहत बुधवार और गुरुवार को घाटी में बंद रखने का लोगों से आह्वान किया।

कर्फ्यू वाले इलाकों में दुकानें, व्यापार, बैंक, डाक खाने और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे जबकि सार्वजनिक वाहन सड़कों पर नहीं चले। श्रीनगर के ऊपरी इलाकों में कुछ निजी वाहन सड़कों पर दिखाई दिए।

इधर, नई दिल्ली में चिदम्बरम ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन उम्मीद है कि कुछ दिनों के भीतर समस्या का समाधान निकल आएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को अधिक से अधिक संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्यों के पुलिस महानिदेशकों व पुलिस महानिरीक्षकों के तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए चिदंबरम ने कहा, "मुझे विश्वास है कि हम अगले कुछ दिनों में ऐसी स्थिति तक पहुंचने में सफल होंगे, जहां से हम प्रदर्शनकारियों तक पहुंच सकेंगे और उन्हें उनके अधिकारों और गरिमा के प्रति आश्वस्त कर शांति तथा कानून-व्यवस्था बहाल कर वार्ता की प्रक्रिया फिर शुरू करेंगे, जिससे एक हल निकलेगा।"

उन्होंने कहा, "हम इस बात से चिंतित हैं कि राज्य आज जिस कुचक्र में फंसा हुआ है, उससे हम उसे निकाल पाने में सफल नहीं रहे हैं। इसके बावजूद सुरक्षा बलों को वहां अधिक से अधिक संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।"

उन्होंने कहा, "मुझे भय है कि जम्मू एवं कश्मीर अब पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों और गोलीबारी से होने वाली मौतों और इसके जवाब में और पथराव की एक श्रृंखला से घिर गया है।"

ज्ञात हो कि घाटी में पिछले 11 जून से अशांति व्याप्त है। अब तक की हिंसा में यहां 64 लोग मारे जा चुके हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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