सज्जन को उच्च न्यायालय से नहीं मिली राहत (लीड-1)
सज्जन ने सुल्तानपुरी क्षेत्र में दंगों से जुड़े एक मामले में निचली अदालत द्वारा गत एक जुलाई को अपने खिलाफ लगाए तय किए गए आरोपों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
पूर्व सांसद पर अन्य अपराधों के अलावा हत्या और दंगे के आरोप लगाए गए हैं।
न्यायमूर्ति ए.के.पाठक ने सज्जन कुमार की याचिका खारिज कर दी। सज्जन कुमार ने मुकदमे को तब तक स्थगित किए जाने की मांग की थी, जब तक कि आरोपों को तय किए जाने के खिलाफ उनके द्वारा दायर की गई याचिका पर अदालत द्वारा कोई निर्णय नहीं ले लिया जाता।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 में हत्या के बाद भड़के सिख विरोधी दंगों में शामिल होने के आरोप में सज्जन के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए थे।
निचली अदालत ने इस वर्ष मई महीने में धारा 302, 395, 427, 153ए और अन्य प्रावधानों के तहत सज्जन कुमार के खिलाफ आरोप तय किया था। अदालत ने सज्जन कुमार के अलावा ब्रह्मानंद गुप्ता, पेरू, खुशाल सिंह और वेद प्रकाश के खिलाफ भी आरोप तय किए थे।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी सिख समुदाय के खिलाफ भीड़ को उकसाने के लिए सज्जन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उस घटना में दिल्ली छावनी क्षेत्र में पांच लोग मारे गए थे।
इस मामले में सज्जन कुमार के अलावा बलवान खोखर, कृष्ण खोखर, महेंद्र यादव, कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल भी आरोपी हैं।
सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली छावनी क्षेत्र में पांच व्यक्तियों के मारे जाने से संबद्ध मामले में उनके खिलाफ सुनवाई पर पहले ही रोक लगा चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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