विस्फ़ोटक भरे ट्रकों का पता नहीं

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान के धौलपुर से विस्फोटक लेकर चलने के बाद गायब हो गई साठ ट्रकों की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है.
इन ट्रकों को मध्य प्रदेश जाना था और इस मामले की जांच मध्य प्रदेश पुलिस कर रही है. मध्य प्रदेश के ब्यावरा में पिछले दिनों चार ट्रकों को जब्त किया गया लेकिन इनमें भरा हुआ विस्फ़ोटक नहीं मिला है.
पुलिस को अब इस कारोबार से जुड़े शिवशंकर हेडा, उनकी पत्नी दीपा हेडा और जयकिशन अस्वानी की तलाश है.
मामले की जांच कर रही सागर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने बीबीसी को फोन पर बताया कि पुलिस दल ने राजस्थान के भीलवाड़ा में डेरा डाल रखा है.
उनका कहना था, ‘‘हमने एक टीम महाराष्ट्र के अहमदनगर और गुजरात के राजकोट भेजी है क्योंकि अहमदनगर में भी हेडा का अजय एक्सप्लोसिव के नाम से भंडारण केंद्र है. इन विस्फ़ोटकों को हासिल करने के लिए जिन बैंक ड्राफ्टों के ज़रिए भुगतान किया गया वो राजकोट में बने थे.’’
पुलिस के अनुसार ये विस्फ़ोटक इस साल 17 अप्रैल से 29 जून के बीच अलग अलग समय में धौलपुर स्थित राजस्थान एक्सप्लोसिव फैक्ट्री से ट्रकों पर लादे गए और रवाना किए गए थे.
मनोज सिंह कहते हैं, ‘‘ इस कार्य में क़रीब तीस ट्रकों का इस्तेमाल हुआ और हम इनका पता लगा रहे हैं.’’
पुलिस की कोशिश है कि ट्रक के ड्राईवरों और खलासियों के बारे में जानकारी जुटाए लेकिन ये लोग भी भूमिगत बताए जा रहे हैं.
मनोज सिंह के अनुसार धौलपुर से विस्फ़ोटक आवंटित करने में नियमों में चूक दिखती है. हालांकि सरकार नियंत्रित जिस फैक्ट्री से विस्फ़ोटक जारी हुए उसके प्रबंधन का कहना है कि नियमों में कोई ढील नहीं बरती गई है.
पुलिस मान रही है कि इन विस्फ़ोटकों का इस्तेमाल ग़ैर क़ानूनी ख़नन में हो सकता है लेकिन अगर ये चरमपंथियों के हाथ में पड़ जाए तो पुलिस के लिए बड़ी मुसीबत हो सकती है.












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