ओबामा का 'मेड इन अमेरिका' को बढ़ावा देने पर जोर
वाशिंगटन, 18 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देशवासियों से अधिक वैज्ञानिक तथा इंजीनियर तैयार करने और ऐसी तैयारी में जुटने को कहा है जिससे चीन और भारत जैसे देश भविष्य में उनको नौकरियों की दौड़ से बाहर न कर सकें।
सिएटल में चौथी बार सीनेटर बनने की दौड़ में शामिल पैटी मरे के लिए कोष एकत्र करने में जुटे ओबामा ने मंगलवार को कहा, "लालच को बढ़ावा देने या लापरवाही को कम आंकने के कारण हम दुनिया के सबसे समृद्ध देश नहीं बन सके। इन्हीं कारणों ने वित्तीय संकट पैदा करने में मदद की।"
उन्होंने कहा, "हमने इसे कड़ी मेहनत और जिम्मेदारी के मूल्य को बढ़ावा देकर हासिल किया। हमने इसे जमीनी स्तर से देश का निर्माण करने वाले लोगों-कामगारों और परिवारों, छोटे व्यापारियों और जिम्मेदार उद्यमियों में निवेश करके हासिल किया।"
ओबामा ने कहा, "हम इसलिए यह कर पाए क्योंकि हम अन्य देशों से अधिक काम करने वाले, अधिक शिक्षित और प्रतिस्पर्धा में आगे थे। हमें इसकी ही जरूरत है क्योंकि अब चीन और भारत, दक्षिण कोरिया और जर्मनी जैसे देश भविष्य में नौकरियों के लिए अपनी पूरी क्षमता से कड़ी मेहनत कर रहे हैं।"
ओबामा ने कहा, "स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वे हमसे आगे निकलने का प्रयास कर रहे हैं। वे इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को तैयार करने में हमसे होड़ कर रहे हैं और साफ तौर पर कुछ क्षेत्रों में वे हमारे बराबर और कुछ में तो हमसे भी आगे हैं।"
'स्टेट ऑफ यूनियन' में दिए गए अपने भाषण की पंक्ति को दोहराते हुए उन्होंने कहा, "अमेरिका दूसरे स्थान पर आने के लिए नहीं खेल रहा है। हम पहले स्थान के लिए खेल रहे हैं।"
तालियों के बीच ओबामा ने कहा, "हम देश की अर्थव्यवस्था को पहले की तरह मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत हैं और पुनर्निर्माण के इस प्रयास के केंद्र में केवल तीन सामान्य शब्द हैं- 'मेड इन अमेरिका'।"
ओबामा ने कहा कि विदेशों में रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को करों में छूट देने के बजाय वह अमेरिका में नौकरियां पैदा करने वाली कंपनियों को करों में छूट देना चहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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