श्रीलंका में युद्धापराध पर सुनवाई शुरू

श्रीलंका में युद्धापराध पर सुनवाई शुरू

श्रीलंका में पिछले साल गृहयुद्ध के दौरान हुई घटनाओं की जाँच के लिए सरकार द्वारा बनाए गए विशेष आयोग ने पहली बार सुनवाई की है.

मानवाधिकार संगठन लड़ाई के अंतिम चरण में, सेना और विद्रोही, दोनों पक्षों की ओर से बड़े पैमाने पर मानवाधिकार का उल्लंघन करने के आरोप लगाते रहे हैं.

मानवाधिकार संगठनों और अमरीकी संसद के कई सदस्यों ने इस बारे में अंतरराष्ट्रीय जाँच कराए जाने की माँग की थी जिसे श्रीलंका सरकार ने ठुकरा दिया.

विशेष जाँच आयोग के अध्यक्ष सी आर डीसिल्वा ने इस संबंध में कहा कि आयोग मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूरी जाँच करेगा और मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ या नहीं,ये बताने का काम आम लोगों का है.

उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए कहा,"बहुत सारे गवाह हैं जो आयोग के सामने आएँगे, हमें उम्मीद है कि अगर सरकारी सेना ने मानवाधिकार का उल्लंघन किया तो वे आएँ और अपनी शिकायतों को हमारे सामने रखें."

आपत्ति

सुनवाई शुरू होने से पहले अमरीकी संसद के 57 सदस्यों ने विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को पत्र लिखकर उनसे इस संबंध में स्वतंत्र जाँच करवाने का आग्रह किया.

उनका कहना था कि ये जाँच आयोग युद्ध अपराधों के आरोपों की सही तरीक़े से जाँच करने के लिए पर्याप्त रूप से स्वतंत्र नहीं है.

उन्होंने कहा कि आयोग का अधिकार क्षेत्र बहुत ही सीमित रखा गया है.

कोलंबो स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस जाँच आयोग को मुख्य रूप से इस बात की जाँच करने के लिए गठित किया गया है कि 2002 में सरकार और एलटीटीई के बीच हुआ समझौता कैसे टूट गया.

संवाददाता के अनुसार इस बात की संभावना बहुत कम है कि आयोग युद्ध अपराधों के आरोपों के बारे में कोई जाँच कर पाएगा.

मानवाधिकार संगठन इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप का आरोप है कि सेना ने युद्ध के अंतिम चरण में हज़ारों आम तमिल नागरिकों को मार डाला होगा.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस बारे में एक विशेष समिति बनाई है जो महासचिव को आरोपों की अलग से जाँच करवाने के बारे में परामर्श देगी.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+