बिहार में शिविर लगाकर बांटे जाएंगे डीजल
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के मुख्य सचिव ब्यास जी ने बुधवार को बताया कि घोषित सभी सूखाग्रस्त जिलों में राहत एवं रोजगार देने के कार्य जल्द प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सूखाग्रस्त जिलों में प्रति व्यक्ति को प्रति सप्ताह 10 किलोग्राम तथा बच्चे के लिए सात किलोग्राम अनाज मुत में दिया जाएगा। उक्त अनाज का वितरण ग्राम पंचायत के मुखिया द्वारा किया जाएगा।
इसके अलावा गांवों में कृषि वैज्ञानिकों को भेजकर किसानों को अल्प अवधि की खेती की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा रोडमैप तैयार कर लिया गया है। ब्यास जी के अनुसार 20 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित सभी जिले के जिलाधिकारियों से सूखे की जानकारी ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लघु सिंचाई विभाग को भूजल योजना के तहत गांवों में बोरिंग लगाने के लिए किसानों को बैकों से ऋण दिलाने का भी निर्देश दिया गया है।
जुलाई महीने में बारिश नहीं होने के कारण राज्य के अधिकतर जिलों में सूखे की आशंका बनी हुई है। बारिश नहीं होने के कारण अधिकतर जिलों में धान के बीज नहीं डाले गए हैं। इस स्थिति में प्रभावित जिलों में डेढ़ करोड परिवार सूखे की चपेट में हैं।
गौरतलब है कि सरकार ने राज्य के 38 में से 28 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है जबकि शेष 10 जिलों की लगातार समीक्षा की जा रही है। सूखे को लेकर मंगलवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बने आपदा प्रबंधन समूह की बैठक भी हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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