भारतीय मूल का चिकित्सक मरीज को अंधेरे में रखने का दोषी
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक चिकित्सक का नाम नवीन शंकर है। उसने निकोला सैम के पेट में लगातार दर्द और खून बहने की प्रक्रिया को छह साल तक साधारण लक्षण बताकर अपनी मरीज को अंधेरे में रखा।
26 वर्षीया निकोला की मौत गर्भाशय के कैंसर से हुई। उनका कैंसर रीढ़, गले और हाथों तक पहुंच गया था। वह अपने जीवन के अंतिम समय में चल-फिर नहीं सकती थी। यहां तक कि वह हाथों को भी नहीं हिला सकती थीं।
ब्रिटेन की जनरल मेडिकल काउंसिल (जीएमसी) ने शंकर को चिकित्सा अभ्यास के लिए अयोग्य ठहरा दिया है।
निकोला को उनके कैंसर के बारे में तब पता चला जब उनकी कार दुर्घटना का शिकार हुई। इस कारण उनकी गले की हड्डी टूट गई थी। गले के इलाज के दौरान उन्हें पता चला कि वह बहुत समय से कैंसर से पीड़ित हैं।
गले के इलाज के बाद निकोला ने मई 2006 में कैंसर का इलाज शुरू किया लेकिन एक वर्ष के बाद उनकी मौत हो गई।
शंकर ने निकोला से 1999 से 2005 तक लगातार झूठ बोला। निकोला जब भी लुटन स्थित उसेक विगमोर लेन हेल्थ सेंटर गईं, वह बार-बार कहता रहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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