मप्र सरकार के फैसलों को उच्च न्यायालय ने निरस्त किया
भोपाल, 10 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की स्थापत्य कला के प्रतीक मिंटों हाल में कंवेंशन एंड ट्रेड सेंटर और तात्या टोपे नगर में सेंट्रल बिजनेस सेंटर बनाने की अधिसूचनाओं को उच्च न्यायालय जबलपुर ने निस्तर कर दिया है। उच्च न्यायालय ने यह कार्रवाई भोपाल सिटीजन फोरम व परसराम समाज कल्याण समिति की जनहित याचिका पर की है।
उच्च न्यायालय में दायर की गई जनहित याचिकाओं मे कहा गया था कि प्रदेश सरकार ने भोपाल विकास योजना 2005 की अवहेलना कर पुरानी विधानसभा परिसर की 16 एकड़ जमीन पर पांच सितारा होटल व शॉपिंग मॉल बनाने की अनुमति दी है। इतना ही नहीं तात्या टोपे नगर में सीबीडी बनाया जा रहा है, इसमें सरकार ने नगर विकास योजना का उल्लंघन किया है।
उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश एस. आर. आलम और न्यायाधीश आलोक अराधे की खंडपीठ ने सोमवार को सरकार की दोनों अधिसूचनाओं को जनहित याचिकाओं में दर्ज कराई गई आपत्तियों को उचित ठहराते हुए निरस्त कर दिया है। युगलपीठ ने कहा है कि सरकार ने शहर के भीतर स्थित जमीन के प्रत्येक टुकड़े को विकास योजना के विरूद्घ वाणिज्यिक नहीं कर सकती है।
याचिकाकर्ता परसराम समाज कल्याण समिति के तरूण गुप्ता ने आईएएनएस को बताया है कि कंवेंशन एंड ट्रेड सेंटर और तात्या टोपे नगर में सेंट्रल बिजनेस सेंटर बनने से होने वाली दिक्कतों के साथ विकास योजना का पालन न किए जाने पर अपनी चिंता जताई थी, जिसे उच्च न्यायालय ने उचित ठहराते हुए सरकार की अधिसूचनाओं को निरस्त कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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