कश्मीर में सेना के विशेषाधिकार की समीक्षा का संकेत
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा बलों को आतंकवाद से मुकाबले के लिए दिए गए विशेष अधिकार की समीक्षा करने का मंगलवार को संकेत दिया। सिंह ने कहा कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर राज्य के लोगों की भावनाओं से परिचित है।
जम्मू एवं कश्मीर के एक सर्वदलीय शिष्टमंडल की एक बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, "हम सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून के मुद्दे पर जनता की मौजूदा भावना को समझते हैं।"
अलगाववादियों सहित सभी राजनीतिक पार्टियां सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून की समीक्षा किए जाने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह कर रही हैं। यह कानून सेना को अपनी कार्रवाई के लिए कानूनी बचाव मुहैया कराता है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस कानून में किसी तरह के बदलाव के खिलाफ है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर पुलिस को राज्य में कानून-व्यवस्था के हालात से निपटना होगा, उस राज्य को जो 1989 से ही एक अंतहीन अलगाववादी अभियान से जूझ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "राज्य पुलिस को अपनी ड्यूटी के लिए विशेष अधिकार की आवश्यकता नहीं है। हम जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के विस्तार व मजबूती के की प्रक्रिया को गति देंगे ताकि वह स्वतंत्र रूप से और प्रभावी रूप से कम से कम समय के भीतर अपने कर्तव्य का निर्वहर कर सके।"
कठिन परिस्थिति में अति चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान उनमें से कई गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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