हिमाचल में लगातार छठे दिन विद्युत संयंत्र बंद
सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड(एसजेवीएनएल) के उप महाप्रबंधक विजय वर्मा ने आईएएनएस से बताया कि नदी में गाद का स्तर काफी बढ़ गया है और यह 7,000 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) तक पहुंचा गया है, जो कि स्वीकृत स्तर 3,000 पीपीएम से कहीं ज्यादा है।
किन्नौर जिले में स्थित नाथपा झाकड़ी बिजली परियोजन से रोजना 1,500 मेगावाट की बिजली पैदा होती है।
गाद की वजह से छह अन्य टरबाइनों को भी बंद कर दिया गया है। इससे टरबाइन के क्षतिग्रस्त होने का डर रहता है। प्रत्येक टरबाइन से 250 मेगावाट की बिजली पैदा होती है।
इस वित्तीय वर्ष में परियोजना को चौथी बार बंद करना पड़ा है। इसके पहले भी गाद का स्तर बढ़ने की वजह से परियोजना को 26 जुलाई से पांच दिनों के लिए बंद करना पड़ा था।
परियोजना के बंद होने से रोजाना नौ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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