'कश्मीर में बच्चे न मारे जाएं'
'हिंसा का शांतिपूर्ण हल निकालने' का आह्वान करते हुए 'मदर्स ऑफ इंडिया' ने देश भर की माताओं से कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में तीन हफ्तों के दौरान लगभग 50 लोग मारे जा चुके हैं। ऐसे में "सुनिश्चत होना चाहिए कि कश्मीर में किसी बच्चे को नहीं मारा जाएगा, कोई मां चुपचाप आंसू नहीं बहाएगी और हिंसा के बदले और अधिक हिंसा नहीं फैलाई जाएगी।"
संगठन की ओर से जारी 100 महिला कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर युक्त बयान में कहा गया है कि कश्मीर में महिलाओं की आवाज नहीं सुनी जा रही है, जबकि वे रो रही हैं। "वे अपने बच्चों के लौटने का इंतजार करती रहती हैं और पता चलता है कि वे कभी नहीं लौटेंगे। वे शोकाकुल हैं और ताज्जुब में हैं कि उनके जवान बेटे को क्यों मार दिया गया।"
मदर्स ऑफ इंडिया ने कहा कि कश्मीर में हालात बदल सकते हैं, यदि सरकार समझे कि युवा खुद को अलग-थलग महसूस करते हैं। इसे सिर्फ कानून एवं व्यवस्था की समस्या मानने से विवाद एवं अलगाव और गहराएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications