सरकारी क्षेत्र की 4 कंपनियों को महारत्न का दर्जा
भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्यमंत्री अरुण यादव ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन चारों सरकारी कंपनियों को इस साल 19 मई को यह दर्जा दिया गया।
किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (पीएसई) को महारत्न का दर्जा दिए जाने के लिए जरूरी शर्तो से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके प्रशासनिक मंत्रालयों द्वारा इस संबंध में प्रस्तावों के बाद चार कंपनियों को यह प्रतिष्ठित दर्जा दिया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि महारत्न कंपनी का दर्जा प्राप्त करने के लिए किसी पीएसई को पहले से नवरत्न का दर्जा हासिल होना चाहिए। इसके अलावा कंपनी को सेबी के नियमों के तहत न्यूनतम निर्धारित सार्वजनिक शेयरधारिता के साथ भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होना चाहिए।
इसके अतिरिक्त पिछले तीन वर्षो के दौरान कंपनी का एक औसत वार्षिक कारोबार 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का होना चाहिए।
मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षो के दौरान कंपनी का औसत सालाना शुद्ध लाभ कर के बाद 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा होना चाहिए। साथ ही महत्वपूर्ण वैश्विक उपस्थिति और अंतर्राष्ट्रीय कारोबार को होना भी जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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