विशेष कुर्सी को भाग्यशाली मानते हैं धूमल
शिमला, 3 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल उस कुर्सी को अपने लिए सौभाग्यशाली मानते हैं जिस पर राज्य के पहले मुख्यमंत्री वाई. एस. परमार बैठा करते थे। धूमल आज भी उसी कुर्सी का इस्तेमाल करते हैं।
यह कुर्सी राज्य सचिवालय के कबाड़ में पड़ी हुई थी। सौभाग्यवश धूमल की नजर इस पुरानी कुर्सी पर पड़ी और उन्होंने उसकी मरम्मत करवाकर उसे पूरी तरह से ठीक करवा दिया और अब वह उसी पर बैठते हैं।
कुर्सी की तरफ इशारा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता धूमल कहते हैं, "यह मेरी खोज है।"
धूमल ने कहा कि यह वही कुर्सी है जिस पर राज्य के पहले मुख्यमंत्री वाई.एस.परमार अपने पूरे कार्यकाल के दौरान बैठते थे।
धूमल कहते हैं, "जब मैं वर्ष 1998 में राज्य का पहली बार मुख्यमंत्री बना तो मुझे जानकारी मिली की पुराने समय की लकड़ी कुछ पुरानी वस्तुएं सचिवालय के यार्ड में पड़ी हुई हैं। मैं जब यार्ड देखने गया तो कुर्सी ने मेरा ध्यान खींचा। काफी करीब से देखने पर पता चला कि यह कुर्सी लाहौर में बनी थी। मैंने इस कुर्सी को मरम्मत के लिए भेजवा दिया।"
धूमल ने बताया कि बाद में मुझे जानकारी मिली की यह वही कुर्सी है जिसका उपयोग परमार ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान वर्ष 1952 से लेकर 1977 तक किया था।
राज्य सचिवालय के अधिकारियों के मुताबिक धूमल जब वर्ष 2007 में सत्ता में दूसरी बार आए तो उन्होंने अपने निजी कर्मचारी से पुरानी कुर्सी को हटाकर दोबारा उसी कुर्सी को लगाने का निर्देश दिया था।
एक अधिकारी ने बताया कि धूमल मानते हैं कि यह कुर्सी उनके लिए काफी भाग्यशाली साबित हुई है। उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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