कार से निकले 43 सांप

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
जयपुर पुलिस ने एक व्यक्ति को 43 सांपों के साथ गिरफ़्तार किया है. इनमें से आठ सांप ऐसे हैं जिनकी प्रजाति लुप्त होने के कगार पर है.
पुलिस ने इस मामले में राजेश कपूर को वन्य जीव क़ानून की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ़्तार किया है. पुलिस को शक है कि गिरफ़्तार व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय तस्कर है.
पुलिस के मुताबिक़ कपूर प्राचीन मूर्तियों की तस्करी के एक मामले में भी शामिल थे.
सांपों का कारोबार
जयपुर के पुलिस अधीक्षक हवा सिंह ने बीबीसी को बताया कि कपूर पहले क़ीमती मूर्ति चोरी के एक मामले में शामिल रहे हैं.
उन्होंने कहा,''हम मामले की गहराई से जाँच कर रहे है, हालाँकि यह व्यक्ति सांपों को काल सर्प योग में पूजा के लिए ले जाने की बात कह रहा है.लेकिन उसकी बात में सच्चाई नज़र नहीं आ रही है.''
पुलिस ने सांपों की पहचान और उनके पुर्नवास में विशेषज्ञों की मदद ली है.
ऐसे ही एक विशेषज्ञ पीयूष शास्त्री ने बीबीसी से कहा,'' पकड़े गए सांप तीन प्रजातियों के हैं, लाल दुंभी, रजत बंसी और कोबरा या काला नाग. इनमे से केवल कोबरा ही जहरीला है.''
अंतरराष्ट्रीय माँग
उन्होंने बताया,''इन सांपों की खाल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी माँग है. इनका जहर भी बाजार में बिकता है. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इन सांपों का जहर निकाला गया होगा क्योंकि इन सांपों को सपेरों से खरीदा गया था.''
गिरफ़्तारी के समय राजेश कपूर सांपों को कपड़े के थैलों में रखकर कार से ले जा रहा था.
पीयूष शास्त्री ने कहा,''सांपों को बेहद क्रूरता से रखा गया था. एक थैले में 25 सांपों को रखा गया था. अलग-अलग प्रजाति के सांपों को एक साथ ठूंस-ठूंस कर रखने से सांप जख्मी हो गए हैं.''
उन्होंने कहा,''सांप बुरी हालत में थे, पानी की कमी थी, उन्हें खाना नहीं मिला था. कुछ की आंखों में चोट थी. कुछ की पूँछ में लकवा मार गया था.''
उन्होंने बताया कि कोबरा संरक्षित प्रजाति का सांप है. वहीं पुलिस का कहना है कि क़ानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सांपों को जंगल में छोड़ दिया जाएगा.
वैसे तो पुलिस थानों में जो भी जाता है, सहम जाता है लेकिन आज थैलों में बंद 43 सांप थाने में पहुंचे तो पूरा थाना ही सहम गया. पुलिस ने सांप बचाव दस्ते की मदद ली ताकि सांपो को नियंत्रित रखा जा सके और उन्हें संभाला जा सके.












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