चार धाम यात्रा को सुगम बनाने की तैयारी
राज्य पर्यटन विकास परिषद के संयुक्त निदेशक ए.के.द्विवेदी ने बताया कि पवित्र चार धाम की यात्रा को सुगम एवं बेहतर बनाने के लिए उत्तराखण्ड चार धाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल के नेतृत्व में राज्य सरकार के अधिकारियों का दल गहन अध्ययन के लिए हिमाचल तथा जम्मू एवं कश्मीर के धार्मिक स्थलों की यात्रा पर है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल में चिंतपूर्णी देवी और जम्मू एवं कश्मीर में माता वैष्णो देवी जैसे स्थानों की गहन समीक्षा और अध्ययन कर यह दल चार धाम यात्रा को सुगम एवं आकर्षक बनाने की रणनीति तैयार करेगी। दोनों राज्यों की यात्रा पर गया यह दल 26 जुलाई से लेकर दो अगस्त तक प्रमुख धार्मिक मंदिरों की व्यवस्था का अध्ययन करेगा।
उधर, मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी से भेंटकर उनसे इस परियोजना के बारे में बात करेंगे।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व उत्तरांचल आए गडकरी ने राज्य के विकास के लिए मुख्यमंत्री को अनोखी योजनाएं बनाने का सुझाव दिया था।
द्विवेदी ने बताया कि सरकार की योजना चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्घालुओं को प्रतीकात्मक उपहार देने की भी है जो कि उत्तराखण्ड की पहचान से जुड़ा हो। माना जा रहा है कि सरकार अपनी ओर से आकर्षक पैक में श्रद्धालुओं को गंगाजल भेंट कर सकती है।
भारतीय धर्म ग्रंथों में उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यमुना नदी के उद्गम स्थल यमुनोत्री से प्रारंभ होकर यह यात्रा गंगोत्री, केदारनाथ और फिर बद्रीनाथ में समाप्त होती है। यात्रा का काल लगभग 15 अप्रैल से शुरू होकर नवंबर तक चलती है। इसमें 250,000 से ज्यादा यात्री चार धामों के दर्शन के लिए प्रत्येक वर्ष आते हैं।
इंडो एशियन न्यूज सर्विस।












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