CBI के शिकंजे में अमित शाह, अमीन बने सरकारी गवाह
उन्होंने बताया, "हम सोहराबुद्दीन मामले में अमीन के सरकारी गवाह बनने के बारे में सीबीआई अदालत में आवेदन दाख़िल कर रहे हैं। "सोहराबु्द्दीन माममे में एनके अमीन अभी जेल में हैं। उन्हें वर्ष 2007 में गिरफ़्तार किया गया था। एनके अमीन पर सोहराबुद्दीन शेख़ और उनकी पत्नी कौसर बी को अगवा करने का आरोप है।
अमीन बने सरकारी गवाह!
इसके अलावा सीबीआई ने दो अवकाश प्राप्त पुलिस अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है, जिन्होंने सोहराबुद्दीन मुठभेड़ की जाँच की थी। जीसी रायगर और ओपी माथुर राज्य सीआईडी के प्रमुख रहे हैं ।माना जा रहा है कि अमीन का सरकारी गवाह बनने के लिए अर्ज़ी देना पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह की मुश्किल बढ़ा सकता है।
रविवार को सीबीआई की एक अदालत ने गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह को सोहराबुद्दीन मामले में हत्या के आरोप में 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सोहराबुद्दीन शेख 2005 में मारे गए थे और दावा किया गया था कि वो गुजरात और राजस्थान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए। आरोप है कि इसके बाद उनकी पत्नी कौसर बी और मामले के एक प्रत्यक्षदर्शी तुलसी प्रजापति को एक बस स्टैंड से अगवा किया गया था।
मुश्किल में अमित शाह
कौसर बी का अब तक कोई अता-पता नहीं है जबकि प्रजापति के बारे में कहा गया कि वो एक मुठभेड़ में मारे गए। बाद में कई जाँच से यह बात सामने आई कि सोहराबुद्दीन शेख़ को फ़र्जी मुठभेड़ में मारा गया था । सुप्रीम कोर्ट ने इस साल के शुरू में इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी थी।













Click it and Unblock the Notifications