पश्चिम बंगाल मुठभेड़ में 6 नक्सली ढेर, 1 जवान शहीद (लीड-2)
ग्वालतोर (पश्चिम बंगाल), 26 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर जिले में सोमवार तड़के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों में एक शीर्ष नक्सली भी शामिल है। इस दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान भी शहीद हो गया।
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ सोमवार तड़के तीन बजे ग्वालतोर इलाके में मेटला के जंगलों में शुरू हुई। सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के संयुक्त दल ने नक्सलियों के ठिकाने पर छापेमारी की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 'कमांडो बटालियन फॉर रिसोल्यूट एक्शन' (कोबरा) का एक जवान भी शहीद हो गया।
राज्य के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने आईएएनएस को कोलकाता में बताया, "कोबरा के एक जवान आशीष तिवारी मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हम उन्हें उपचार के लिए कोलकाता ले जाने की कोशिश में थे। इसके लिए हेलीकॉप्टर तैयार था। परंतु हेलीकॉप्टर की ओर ले जाते समय ही उन्होंने दम तोड़ दिया।"
सोमवार की यह घटना संयुक्त बलों की दूसरी बड़ी सफलता मानी जा रही है। इसके पहले उन्होंने 16 जून को लालगढ़ से लगभग 20 किलोमीटर दूर रांझा के जंगल में आठ नक्सलियों को मार गिराया था।
मुठभेड़ के बाद एक महिला सहित छह नक्सलियों के शव बरामद किए गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मिदनापुर जिला अस्पताल भेज दिया गया।
मारे गए नक्सली, सिधू सोरेन गिरोह के सदस्य थे। माना जाता है कि इसी गिरोह ने फरवरी में पूर्वी सीमांत राइफल्स (ईएफआर) के शिविर पर हमला किया था।
पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने दावा किया कि बरामद किए गए शवों में सोरेन का शव भी शामिल है। सोरेन पुलिस संत्रास विरोधी जनसाधारण समिति (पीसीएपीए) का महासचिव था।
पीसीएपीए की सशस्त्र शाखा, सिधू कान्हू गण मिलिसिया के संस्थापक व प्रमुख, सोरेन के खिलाफ 20 से अधिक मामले थे।
पश्चिम मिदनापुर के पुलिस अधीक्षक (आपरेशन) मनोज वर्मा ने कहा, "हमें अपने सूत्रों से पता चला है कि पांच पुरुष शवों में से एक शव सिधू सोरेन का हो सकता है। हमने उसके परिजनों को सूचित कर दिया है कि वे अस्पताल जा कर उसकी पहचान करें। देखते हैं कि वे इसकी पुष्टि करते हैं या नहीं।" वर्मा ने ही पुलिस उपाधीक्षक अनीस सरकार (ऑपरेशन) के साथ मिल कर इस अभियान का नेतृत्व किया।
पुलिस ने सारंगा पुलिस थाने का और एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय का नक्शा भी बरामद किया है। वर्मा ने कहा, "नक्सली इन दोनों लक्ष्यों पर हमले की योजना बना रहे थे।" मुठभेड़ स्थल से 13 राइफलें बदामद की गई हैं। इनमें से पांच राइफलें नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों से छीनी हुई हैं।
वर्मा ने कहा, "हमें एक इंसास राइफल भी मिली है, जिस पर ईएफआर दूसरी बटालियन का निशान है। दो 303 राइफलें और एक पिस्तौल भी मिली है।" इसके अलावा नक्सलियों के पोस्टर भी बरामद हुए हैं।
भूपिंदर सिंह ने शहीद जवान के परिजनों को 15 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की। इसके अलावा इस अभियान में शामिल हर हर पुलिसकर्मी को 50,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान कई नक्सली घायल भी हुए हैं, लेकिन वे भागने में सफल हो गए। मुठभेड़ अब बंद है, लेकिन पुलिस गांव के आसपास तलाशी अभियान में जुटी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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