लक्ष्य नहीं पूरा लेकिन मौजूदा योजना में सबसे बेहतर वृद्धि : प्रधानमंत्री (लीड-1)
यह नौ प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर के अनुमान से कम है लेकिन किसी भी योजना के दौरान हासिल आर्थिक वृद्धि दर से अधिक है।
राष्ट्रीय विकास परिषद की 55वीं बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के तीन वर्ष बीत चुके हैं, इसलिए इसकी समीक्षा तथा उम्मीद से कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों की कमियों की पहचान कर सुधार के लिए कदम उठाने जरूरी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 11वीं योजना में नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से समग ्रविकास का लक्ष्य रखा गया है। वैश्विक मंदी और वर्ष 2009 में गंभीर सूखे के बावजूद आर्थिक वृद्धि दर बेहतर रही है। ग्यारहवीं योजना की मध्यावधि समीक्षा के अनुसार इस योजना के दौरान 8.1 प्रतिशत वार्षिक की दर से आर्थक विकास होगा।
11वीं पंचवर्षीय योजना की मध्यावधि समीक्षा के लिए आयोजित इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, योजना आयोग के सदस्य और केंद्रीय मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण सदस्य शामिल हो रहे हैं।
बैठक में कृषि उत्पादकता, जल संसाधनों के प्रबंधन, बिजली उत्पादन के लक्ष्य, शहरीकरण के मुद्दों और जनजातीय विकास से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री ने सरकार के इस रुख को फिर दोहराया कि अच्छे मानसून से इस वर्ष के अंत तक महंगाई में कमी आएगी।
उन्होंने कहा, "मौजूदा समय में महंगाई का मुख्य कारण खाद्य पदार्थो की कीमतों में वृद्धि है। इस बार मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है। इससे वर्ष की दूसरी छमाही में खाद्य पदार्थो की कीमतों में कमी आएगी।"
उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि थोक मूल्य सूचकांक दिसंबर तक गिरकर छह प्रतिशत के करीब आ जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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