देवड़ा ने दिया हाइड्रो कार्बन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बल
वियतनाम के दलत शहर में आसियान देशों के ऊर्जा मंत्रियों के चौथे शिखर सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उन्होंने मिलकर काम करने पर जोर दिया।
देवड़ा ने कहा कि ऊर्जा के जिन मुख्य क्षेत्रों को चिह्न्ति किया गया है, उनमें कोयला आधारित मीथेन, भूमिगत कोयले का गैसीकरण, गैस हाइड्रेट और तेल संसाधनों व जैव ईंधन का विकास, ऊर्जा की बचत वाली तकनीकों का पता लगाना और तेल व गैस क्षेत्र की सुरक्षा के उपाय शामिल हैं।
देवड़ा ने सार्वजनिक परिवहन के लिए प्राकृतिक गैस (सीएनजी) के उपयोग के क्षेत्र में भारत के अनुव की जानकारी दी। इस क्षेत्र में भारत विश्व का सिरमौर है।
भारत में हाईड्रो-कार्बन क्षेत्र के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास की चर्चा करते हुए देवड़ा ने आशियान सदस्यों के लिए राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्था में अपने अनुभवों की जानकारी देने का प्रस्ताव दिया।
देवड़ा ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकास के बारे में विस्तार से बताया और आशा व्यक्त की कि भारत की तेल शोधन क्षमता वर्ष 2012 तक 25़ 5 करोड़ टन हो जाएगी, जोकि इस समय 18.2 करोड़ टन प्रति वर्ष है।
पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी बताया कि भारत-आसियान संबंध बहुत गहरे हैं, इसे और प्रगाढ़ बनाना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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