मोदी ने मनरेगा में भ्रष्टाचार की जांच की मांग की
राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में मोदी ने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना की मध्यावधि समीक्षा में मनरेगा के लिए आवंटित राशि में भ्रष्टाचार, कदाचार और दुरुपयोग की बातें उजागर हुई हैं।
मोदी ने कहा, "भारत सरकार आडंबर और वोट बैंक की राजनीति से हटकर इस योजना में भ्रष्टाचार की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति का गठन करे।"
एनडीसी की बैठक में सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री, योजना आयोग के सदस्य और केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रमुख मंत्री शामिल हुए। इस बैठक में कृषि उत्पादकता, जल स्रोतों का प्रबंधन, विद्युत उत्पादन लक्ष्य, शहरीकरण और जनजातीय क्षेत्रों में विकास की पांच प्रमुख चिंताओं को रेखांकित किया गया।
नक्सल समस्या पर मोदी ने कहा इस संबंध में सरकार में काफी विचार-विमर्श हुआ है कि इस समस्या का कैसे समाधान किया जाए लेकिन इस बात पर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं हुआ है कि माओवादियों को धन, हथियार और अन्य संसाधन कहां से मिल रहे हैं और उनके संचार के साधन क्या हैं।
उन्होंने कहा, "इस संबंध में रणनीति को केवल नक्सलवादियों से प्रभावित क्षेत्र का प्रसार रोकने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।"
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार विधेयक 2009 से राज्य सरकारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है। गुजरात सरकार पर इससे अगले तीन साल में 7,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
शिक्षा का अधिकार केंद्र सरकार की राष्ट्रीय योजना है। राज्य सरकारें इस तरह के वित्तीय भार झेलने में सक्षम नही हैं।
महंगाई के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि महंगाई देश के आर्थिक विकास के लिए गंभीर खतरा बन गई है। यदि इसे सही तरह से नियंत्रित नहीं किया गया तो आर्थिक विकास पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
मोदी ने कहा, "गुजरात ने मंदी का असर खत्म करते हुए वर्ष 2009-10 में 10.5 प्रतिशत की विकास दर अर्जित की है और हमें उम्मीद है कि 11वीं पंचवर्षीय योजना में प्रदेश की विकास दर 11.2 प्रतिशत रहेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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