रैगिंग करने पर होगी 3 साल जेल, 10 हजार रुपये जुर्माना
आगरा। विश्वविद्यालय समेत सभी इंजीनियरिंग, मेडिकल व डिग्री कॉलेजों में नया सत्र शुरू होने जा रहा है। जाहिर है रैगिंग के मामले भी सामने आ सकते हैं, लिहाजा आगरा जिला प्रशासन ने इससे कड़ाई से निपटने का इंतजाम अभी से कर लिया है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा है कि यदि कोई छात्र रैगिंग में लिप्त पाया गया तो उसे तीन साल की जेल व 10 हजार रुपए जुर्माना ठोका जाएगा। यही नहीं पांच साल के लिए शिक्षण संस्थान से बाहर भी किया जा सकता है।
जिलाधिकारी अमृत अभिजात ने कहा है कि रैगिंग एक अमानवीय कृत्य है और इसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने रैगिंग प्रतिषेध अधिनियम के प्राविधानों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि रैगिंग में लिप्त पाए जाने पर तीन वर्ष की जेल, 10 हजार रुपये तक जुर्माना और पांच वर्ष के लिए संस्था से बाहर किया जा सकता है।
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अभिजात ने कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में कहा कि रैगिंग रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी शिक्षण संस्थान की है। किसी संस्थान में रैंगिंग की शिकायत मिलने पर उसके अध्यक्ष के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षण संस्थाएं अधिनियम के प्राविधानों की होर्डिंग आदि के माध्यम से जनसामान्य और छात्र-छात्राओं को जानकारी उपलब्ध कराए।
उन्होंने कहा कि संस्थाओं में निगरानी समितियां या प्रकोष्ठ बनाएं तथा रैगिंग विरोधी दस्तों को सक्रिय रखें। उन्होंने उच्च शिक्षा अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि सभी कालेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि शिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों के साथ बैठक आहूत कर नियमों का अनुपालन कराएं।












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