पिछले दो दशक के 43 प्रमुख रेल हादसे

नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। पिछले दो दशकों के दौरान 1990 से अब तक दुर्घटनाओं और आतंकवादी हमलों सहित कम से कम 43 रेल त्रासदियां हो चुकी हैं। देश में प्रतिदिन 19,000 रेलगाड़ियां चलती हैं।

सोमवार तड़के पश्चिम बंगाल के सैंथिया स्टेशन पर सियालदह जाने वाली उत्तरबंगा एक्सप्रेस के भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस से टकरा जाने से 60 यात्रियों की मौत हो गई और 150 से ज्यादा घायल हो गए। यहां पिछले दो दशक के दौरान हुई रेल त्रासदियों का ब्योरा दिया जा रहा है।

28 मई, 2010 : पश्चिम बंगार के झारग्राम में संदिग्ध नक्सलियों ने एक रेल लाइन पर तोड़-फोड़ की जिसके परिणामस्वरूप एक यात्री गाड़ी पटरियों से उतर गई और एक मालगाड़ी से टकरा गई। हादसे में 150 लोग मारे गए।

2 जनवरी, 2010 : उत्तर प्रदेश में घने कोहरे के कारण हुई दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में चार लोग मारे गए और 40 से ज्यादा घायल हुए।

21 अक्टूबर, 2009 : उत्तर प्रदेश में मथुरा के नजदीक दो रेलगाड़ियों के टकराने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए।

11 जुलाई, 2006 : खचाखच भरी मुंबई की लोकल ट्रेनों में सात शक्तिशाली बम विस्फोट हुए। कम से कम 137 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए।

29 अक्टूबर, 2005 : आंध्र प्रदेश के नलगोंडा जिले में एक यात्री रेलगाड़ी के पटरी से उतरकर तेज बहाव वाली नदी में गिर जाने से कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई।

16 जून, 2004 : मुंबई को जाने वाली मत्स्यगंधा एक्सप्रेस के महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक पुल पर पटरी से उतर जाने की वजह से 20 लोग मारे गए और 60 से ज्यादा घायल हुए।

2 जुलाई, 2003 : आंध्र प्रदेश में एक पुल पर से गुजरती एक रेलगाड़ी के इंजन और दो डिब्बों के पुल के नीचे से गुजरते लोगों और मोटरसाइकिल चालकों के ऊपर गिरने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई।

22 जुलाई, 2003 : कोंकण रेलवे का पहला बड़ा रेल हादसा रहा। महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में करवर-मुंबई सेंट्रल हॉलिडे स्पेशल रेलगाड़ी के इंजन और तीन डिब्बों के पटरी से उतर जाने से हुए हादसे में तीन बच्चों सहित 53 लोग मारे गए और 25 घायल हुए।

15 मई, 2003 : एक स्टोव के फटने से लगी आग पंजाब में तेजी से जा रही एक रेलगाड़ी में फैल गई। हादसे में 40 लोग मरे और 50 से ज्यादा घायल हुए।

3 जनवरी, 2003 : दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र में एक एक्सप्रेस रेलगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 18 लोग मरे।

10 सितंबर, 2002 : कोलकाता-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के बिहार में एक पुल पर पटरी से उतरने पर हुए हादसे में 120 लोग मारे गए।

4 जून, 2002 : रेलवे क्रॉसिंग पर कासगंज एक्सप्रेस के एक बस से टकरा जाने से 34 लोगों की मौत हो गई।

12 मई, 2002 : नई दिल्ली-पटना श्रमजीवी एक्सप्रेस के उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक पुल से गुजरते समय पटरी से उतर जाने से 12 लोग मारे गए।

22 जून, 2001 : मैंगलोर-चेन्नई मेल के केरल में कोझिकोड के नजदीक काडालुंडी नदी में गिरने से 40 लोग मारे गए।

3 दिसम्बर, 2000 : पंजाब में सराई बंजारा और साधुगढ़ के बीच हावड़ा-अमृतसर मेल के एक मालवाहक रेलगाड़ी से टकरा जाने से हुए हादसे में 46 लोगों की मौत हो गई और 130 से ज्यादा घायल हुए।

2 अगस्त, 1999 : उत्तरी फ्रंटियर रेलवे के कटिहार डिवीजन पर अवध-असम एक्सप्रेस और ब्रह्मपुत्र मेल के एक-दूसरे से भिड़ जाने पर हुए हादसे में 286 लोग मारे गए और 359 घायल हुए।

16 जुलाई, 1999 : चेन्नई से आ रही और दिल्ली को जाने वाली ग्रांड ट्रंक एक्सप्रेस के मथुरा के नजदीक एक मालगाड़ी से टकरा जाने से हुए हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा घायल हुए।

26 नवंबर, 1998 : पंजाब में लुधियाना के नजदीक जम्मू-तवी सियालदह एक्सप्रेस के अमृतसर को जाने वाली फ्रंटीयर गोल्डन टेंपल मेल की पटरी से उतरी तीन बोगियों से टकरा जाने से 200 से ज्यादा लोग मारे गए।

24 सितंबर, 1998 : आंध्र प्रदेश के बोट्टालापालेम गांव के नजदीक एक मानवरहित क्रासिंग पर एक रेलगाड़ी का इंजन बस से टकरा गया। इस हादसे में 14 स्कूली बच्चों सहित 20 लोग मारे गए और 33 घायल हुए।

13 अगस्त, 1998 : करूर शहर के नजदीक नई बनी करूर-सलेम बाईपास रोड पर एक मानवरहित क्रासिंग पर चेन्नई-मदुरई एक्सप्रेस से एक बस के टकरा जाने से 19 लोग मारे गए और 27 घायल हुए।

24 अप्रैल, 1998 : महाराष्ट्र में पराली वैजनाथ रेलवे स्टेशन पर मनमाड-काचिगुड़ा एक्सप्रेस से मालगाड़ी की माल ढोने वाली 15 ट्रालियों के टकराने से हुए हादसे में 24 लोगों की मौत हुई और 32 घायल हुए।

4 अप्रैल, 1998 : हावड़ा-दानापुर एक्सप्रेस के बिहार के फतुहा और बांकाघाट स्टेशनों के बीच हावड़ा-दिल्ली मुख्य मार्ग पर पटरी से उतरने से 11 लोगों की मौत हो गई।

14 सितंबर, 1997 : अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस के पांच डिब्बों के मध्य प्रदेश के बिलासपुर जिले में एक नदी में गिरने से 81 लोग मारे गए।

28 जुलाई, 1997 : फरीदाबाद के नजदीक कर्नाटक एक्सप्रेस और हिमसागर एक्सप्रेस की टक्कर में 12 लोग मारे गए।

8 जुलाई, 1997 : पंजाब के भटिंडा जिले में लेहरा खाना रेलवे स्टेशन पर एक यात्री रेलगाड़ी में हुए बम विस्फोट में 33 लोगों की मौत हुई।

30 दिसंबर, 1996 : असम के कोकराझार और फकीराग्राम स्टेशनों के बीच ब्रह्मपुत्र मेल में एक बम विस्फोट हुआ, जिसमें 33 लोग मारे गए।

25 मई, 1996 : उत्तर प्रदेश में वाराणसी के नजदीक एक मानवरहित क्रासिंग पर इलाहबाद को जाने वाली एक यात्री रेलगाड़ी के एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ जाने से हुई दुर्घटना में 25 लोग मरे।

14 मई, 1996 : केरल में अलापुझा के नजदीक एर्नाकुलम-कायामकुलम रेलगाड़ी से बारात को ले जा रही एक बस के टकरा जाने से उसमें सवार 35 लोग मारे गए।

18 अप्रैल, 1996 : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में डोनेनगढ़ के नजदीक गोरखपुर-गोंडा यात्री रेलगाड़ी के पटरियों पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा जाने से हुई दुर्घटना में 60 लोग मारे गए।

20 अगस्त, 1995 : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के नजदीक दिल्ली को जाने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के पटरियों पर खड़ी कालिंदी एक्सप्रेस से टकरा जाने से हुई दुर्घटना में 302 लोग मारे गए।

1 जून, 1995 : पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में हुई दो दुर्घटनाओं में 73 लोग मारे गए।

14 मई, 1995 : तमिलनाडु में सलेम के नजदीक मद्रास-कन्याकुमारी एक्सप्रेस के एक मालगाड़ी से टकराने से 52 लोग मारे गए।

3 मई, 1994 : आंध्र प्रदेश के नलगोंडा जिले में नायायणाद्री एक्सप्रेस के एक ट्रैक्टर से टकराने से 35 लोगों की मौत हो गई।

21 सितंबर, 1993 : राजस्थान में छाबड़ा के नजदीक कोटा-बीना सवारी रेलगाड़ी के एक मालगाड़ी से टकराने से 71 लोगों की मौत हो गई।

16 जुलाई, 1993 : बिहार के दरभंगा जिले में एक रेल दुर्घटना में 60 की मौत।

5 सितंबर, 1992 : मध्य प्रदेश के रायगढ़ के नजदीक हुए रेल हादसे में 41 मरे।

31 अक्टूबर, 1991 : कर्नाटक में मकालीगुर्गा के नजदीक कर्नाटक एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से हुई दुर्घटना में 30 लोग मारे गए।

10 अक्टूबर, 1990 : आंध्र प्रदेश के चेरपल्ली के नजदीक एक रेलगाड़ी के आग पकड़ने से हुए हादसे में 40 लोग मरे।

25 जून, 1990 : बिहार के डाल्टेनगंज के मंगरा में एक मालगाड़ी के सवारी रेलगाड़ी से टकराने से 60 लोग मारे गए।

6 जून, 1990 : आंध्र प्रदेश के गोलागुडा में एक रेल दुर्घटना में 35 मरे।

16 अप्रैल, 1990 : पटना के नजदीक एक रेलगाड़ी में आग से 70 लोगों की जलकर मौत।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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