उप्र मंत्री पर हमले का खुलासा, 2 गिरफ्तार (लीड-1)
पुलिस ने इलाहाबाद के नैनी इलाके से बुधवार देर रात रेलगाड़ी से भागने का प्रयास कर रहे कृपाशंकर पांडे एवं राजेश यादव नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों ने पूरी घटना का खुलासा हुआ।
लखनऊ में गुरुवार शाम राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ में पता चला कि मंत्री पर हमले का सूत्रधार और साजिशकर्ता इलाहाबाद का चाका ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा था। राजेश पायलट नाम के अपराधी ने पूरी घटना को अंजाम दिया, जिसे दिलीप ने हमले की पूरी जिम्मेदारी सौंपी थी।
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मंत्री पर हमला व्यावसायिक और राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के कारण किया गया। हमलावरों ने मंत्री पर हमला करने से पहले उनके घर के आस-पास रेकी भी की थी।
बृजलाल के मुताबिक गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि दिलीप मिश्रा जो फिलहाल आगरा जेल में बंद है। उसने फरारी के दौरान एक दिन उन्हें इलाहाबाद के नवाबगंज निवासी अपने साले मनोज पांडे के घर बुलाया था। उस दौरान उसके द्वारा कहा गया कि मंत्री नंद गोपाल नंदी ने उसे परेशान कर रखा है। सारी संपत्ति कुर्क करवा रखी है। अब मंत्री को ठिकाने लगाने के आलावा कोई चारा नहीं है। इस संबंध में उसने हमसे सहयोग मांगा हमने पूरी मदद का वादा किया।
उस दौरान दिलीप ने यह भी बताया कि इस संबंध में भदोही से समाजवादी पार्टी(सपा) विधायक विजय मिश्रा और महेंद्र मिश्रा भी हर संभव मदद को तैयार हैं।
बृजलाल के मुताबिक हमले के पांच दिन पहले गिरफ्तार आरोपी दिलीप के साले मनोज के घर एकत्र हुए जहां पर मनोज पांडे, उसका भाई जितेंद्र पांडे, पुरुषोत्तम दुबे, राजेश पायलट व एक अन्य व्यक्ति मौजूद थे। मनोज ने इन दोनों को बताया कि उसकी जेल में जीजा दिलीप से बात हो गई है। मंत्री की हत्या का सारा इंतजाम हो गया है। हत्या की सारी योजना राजेश पायलट को सौंपी गई है। मनोज ने इन दोनों से कहा कि हमला हर हाल में 12 जुलाई को ही करना है और दोनों को राजेश पायलट व उसके साथी के साथ मौके पर जाकर घटना की रूपरेखा तैयार करनी है।
बृजलाल ने बताया कि ये दोनों उसी शाम पायलट को लेकर मंत्री के इलाहाबाद स्थित आवास गए और वह मंदिर दिखाया जहां मंत्री रोज दर्शन करने जाते हैं। पायलट ने इन दोनों को निर्देश दिए कि जैसे ही मंत्री घर से मंदिर के लिए पूजा करने जाने वाले हों ये लोग उसे इशारा करके वहां से हट जाएंगे।
तय योजना के मुताबिक ये दोनों 12 जुलाई को 10.30 बजे मंत्री के घर के पास पहुंचे और जैसे ही पता चला कि मंत्री घर से निकलकर मंदिर जाने वाले हैं, दोनों नुक्कड़ पर खड़े पायलट को इशारा करके मौके से निकल गए। तभी थोड़ी देर बाद दोनों ने एक तेज धमाके की आवाज सुनी। दोनों दूर खड़ी अपनी गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गए।
बृजलाल ने कहा कि जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। घटना की जांच की जा रही है।
उन्होंने जोर दिया कि राजेश पायलट और उसके अज्ञात साथी की गिरफ्तारी के बाद मामले की और परतें खुल जाएंगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक और रिमोट के जरिये जिस स्कूटी से विस्फोट कराया गया उसकी पहचान की कयावद जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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