उप्र के मंत्री का स्वास्थ्य बेहतर, हमलावरों का सुराग नहीं (राउंडअप)
मंत्री के साथ विस्फोट में गंभीर रूप से घायल उनके अंगरक्षक संजय को लखनऊ और पत्रकार विजय प्रताप सिंह को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया है।
इलाहाबाद के जिलाधिकारी संजय प्रसाद ने इलाहाबाद में कुछ देर पहले संवादादाताओं को बताया कि करीब 9 बजे एयर एंबुलेंस से गनर संजय को लखनऊ के एसजीपीजीआई और इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार विजय प्रताप सिंह को दिल्ली के आर.आर.अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भेजा गया है।
उधर लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में भर्ती मंत्री का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि मंत्री होश में हैं और उनकी हालत में सुधार है।
एसजीपीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक ए.के.भट्ट ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि 'मंत्री पूरी तरह से खतरे से बाहर हैं। उनको गहन चिकित्सा कक्ष में जीवन रक्षक उपकरणों पर रखा गया है।' भट्ट ने कहा कि संक्रमण के खतरे के मद्देनजर किसी को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मंत्री पर हमले के 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पुलिस हमलावरों के बारे में कोई सुराग नहीं पाई है। घटना की जांच कर रही विशेष कार्रवाई दस्ते (एसटीएफ) और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीमें अभी तक किसी हमलावर को गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हुई हैं।
उधर इलाहाबाद के विभिन्न इलाकों से करीब एक दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और हमले के संबंध में नैनी इलाके से (समाजवादी पार्टी) सपा के एक नेता के घर छापेमारी की गई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मामले पर कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं।
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक(कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने मंगलवार को लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एसटीएफ और एटीएस टीमें घटना की सघन जांच कर रही हैं। जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। लाल ने कहा कि फिलहाल मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद के मुट्ठीगंज स्थित मंत्री के आवास के बाहर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक बम विस्फोट किया गया था। हमला उस समय किया गया जब मंत्री घर से निकलकर पास में स्थित मंदिर जा रहे थे।
विस्फोट के बारे में पूछे जाने पर बृजलाल ने कहा कि ऐसी संभावना है कि विस्फोट रिमोट से किया गया हो, लेकिन अभी हम यह बात बिल्कुल पुख्ता तौर पर नहीं कह सकते। फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला की टीम घटनास्थल से नमूने एकत्र करके ले गई है। एक-दो दिन में उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हम इस पर कुछ ठोस तौर पर कह पाएंगे।
उन्होंने कहा कि मौके से बरामद क्षतिग्रस्त स्कूटी(मोपेड) के चेंचिस नंबर को मिटाने का प्रयास किया गया। हमने उसे प्रयोगशाला भेज दिया है। वहां चेंचिस नंबर पता हो जाने के बाद स्कूटी के मालिक तक पहुंच सकेंगे।
मंत्री को निशाना बनाकर किए गए इस बम हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि मंत्री के अलावा चार अन्य लोग जख्मी हो गए थे। बृजलाल ने बताया कि घायल अंगरक्षक संजय और पत्रकार विजय प्रताप की हालत अभी भी नाजुक है।
उधर इलाहाबाद के महापौर एंव कांग्रेस नेता जितेंद्र नाथ सिंह ने घटना की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) से कराने की मांग की है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सीबीआई जांच में ही घटना से जुड़े सही तथ्य सामने आ पाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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