पूवरेत्तर राज्यों में विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्घ : प्रदीप जैन
गुवाहाटी में अखिल भारतीय सम्पादक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण लोगों को उनके स्थान पर ही रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अन्तर्गत मंत्रालय ने देश के 619 जिलों को इसके दायरे में लाया है जिनमें से 86 जिले पूवरेत्तर राज्यों के हैं।
उन्होंने बताया कि पूवरेत्तर राज्यों में निगरानी समितियां जिला स्तर पर कायम की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मेघालय और सिक्किम में स्टेट हेल्प लाइन स्थापित हो चुकी है। 4054493 से अधिक घरों को रोजगार दिया गया है और पूवरेत्तर राज्यों का कुल व्यय लगभग 3113़ 85 करोड़ रुपये है।
प्रदीप जैन ने कहा कि अब तक 64,559 करोड़ रुपए की लागत से 2,74,398 किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। 13,000 बस्तियों को सभी मौसमों के अनुकूल सड़क उपलब्ध कराने और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2009-10 के दौरान 55,000 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 7,896 बस्तियों को संपर्कता उपलब्ध करा दी गई है और 60,117 किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण कर दिया गया है।
जैन ने कहा कि ग्रामीण पेयजल आपूर्ति पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत 2010-11 के लिए 810 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता और भूमि रिकार्ड प्रबंधन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी पूवरेत्तर राज्यों की केन्द्र सरकार हर संभव सहायता कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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