नेपाल में नए प्रधानमंत्री का चुनाव 21 जुलाई को
काठमांडू, 13 जुलाई (आईएएनएस)। नेपाल में सभी पार्टियों के बीच प्रधानमंत्री के नाम पर सहमति बनने में विफलता के बाद मंगलवार को सांसदों ने प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए 21 जुलाई की तारीख तय की है।
संसद की कार्य संचालन समिति की चुनाव प्रक्रिया पर निर्णय के लिए हुई बैठक के बाद नेपाल के कानून मंत्री प्रेम बहादुर सिंह ने निर्वाचन तिथि की घोषणा की।
प्रधानमंत्री पद के लिए 20 जुलाई तक नामांकन भरे जाएंगे। इसका अर्थ हुआ कि अंतिम क्षण तक दुविधा कायम रहेगी।
नेपाल में पिछले दो वर्षो के भीतर दो सरकारों के गिरने से देश में तीसरी बार प्रधानमंत्री पद का चुनाव करवाने की नौबत आई है।
नेपाल में वर्ष 2008 में हुए चुनाव में माओवादी पार्टी ने पहली बार सरकार बनाई और अच्छे प्रशासन, न्याय और लोगों के लिए एक नया संविधान तैयार करने का वादा किया।
बहरहाल पूर्व गुरिल्ला अपना वादा पूरा करने में विफल रहे और अपनी सशस्त्र सेना को भंग करने पर तैयार नहीं हुए। इससे असंतुष्ट उनके सहयोगियों ने नौ महीने पुरानी सरकार को गिरा दिया।
माओवादियों के प्रबल विरोध के बावजूद कम्युनिस्टों के नेतृत्व में बनी नई सरकार 13 महीने चली। इस दौरान माओवादियों ने छह दिनों की आम हड़ताल की और पांच महीने से अधिक समय तक संसद में गतिरोध बनाए रखा।
माओवादियों के विरोध के अलावा नई सरकार के मंत्रियों के भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोपों, कानून और व्यवस्था की हालत खराब होने और तराई में हिंसा और अपराध बढ़ने से भी सरकार की छवि को धक्का लगा।
प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल के 30 जून को इस्तीफा देने के बावजूद माओवादी बहुमत के अभाव के कारण सरकार बनाने में सक्षम नहीं हो पाए।
माओवादी पार्टी के बाद संसद में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस (एनसी) की आंखें अब प्रधानमंत्री की कुर्सी पर हैं।
एनसी के कार्यवाहक अध्यक्ष सुशील कुमार कोइराला ने कहा कि वह संसदीय दल के नेता रामचंद्र पुडौल के लिए प्रयास करेंगे। पुडौल पूर्व गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री रह चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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