ब्रिटेन में वर्ष 2051 तक दोगुने हो जाएंगे भारतीय
लीड्स विश्वविद्यालय द्वारा कराए गए अध्ययन में कहा गया है कि वर्ष 2051 तक नस्लीय अल्पसंख्यकों की आबादी जनसंख्या का पांचवां हिस्सा होने की उम्मीद है। उनकी आबादी का अनुपात वर्ष 2001 में आठ प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाएगा।
अध्ययन से यह सामने आया कि नस्लीय अल्पसंख्यक अभावग्रस्त इलाकों से समृद्ध इलाकों में जा रहे हैं और बहुसंख्यकों से उनका अलगाव महत्वपूर्ण रूप से घट रहा है।
परियोजना का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर फिलिप रीस ने कहा कि ब्रिटेन की आबादी में काफी तेज नस्लीय बदलाव हो रहा है। श्वेत ब्रिटिश समूह के बाहर की आबादी का हिस्सा और आकार बढ़ रहा है। यह न केवल परंपरागत प्रवासी इलाकों वरन पूरे देश में हो रहा है और अनुमान के अनुसार यह प्रवृत्ति वर्ष 2051 तक जारी रहने वाली है।
गैर यूरोपीय संघ (ईयू) देशों के लोगों को दिए जाने वाले वर्क परमिट में वर्ष 2007 के 159,535 की तुलना में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष आश्रितों सहित 190,640 लोगों को ब्रिटिश वर्क परमिट मिला। गैर ईयू छात्रों की संख्या भी एक तिहाई बढ़ी है।
अध्ययन के अन्य महत्वपूर्ण संकेतों के अनुसार वर्ष 2051 तक ब्रिटेन की जनसंख्या 7.8 करोड़ होगी। वर्ष 2001 में जनसंख्या 5.9 करोड़ थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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