अमेरिका को भरोसा, भारत लगाएगा ईरान पर प्रतिबंध
वाशिंगटन, 13 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान पर लगाए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को भारत भी लागू करेगा। उसने हालांकि यह निर्णय नई दिल्ली के ऊपर छोड़ दिया गया है कि वह तेहरान को परमाणु हथियारों की होड़ में न पड़ने के लिए कैसे सहमत करता है?
विदेश विभाग के प्रवक्ता फिलिप जे. क्राउले ने सोमवार को कहा, "यह मुद्दा मध्य पूर्व में परमाणु हथियारों की होड़ से उपजने वाले खतरों से जुड़ा है, जिसका भारत सहित इस क्षेत्र से बाहर के देशों पर भी असर पड़ेगा।"
उन्होंने कहा, "इसलिए प्रत्येक देश की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह ईरान को इस होड़ में पड़ने से रोके।"
क्राउले का यह बयान भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव के उस वक्तव्य के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि इस तरह के 'एकतरफा प्रतिबंधों' से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर 'प्रत्यक्ष और विपरीत असर' पड़ सकता है।
क्राउले ने कहा है कि अमेरिका इस बात को समझता है कि "प्रत्येक देश अपने नागरिकों के हितों के लिए निश्चित रूप से प्रयत्नशील रहता है।"
उन्होंने कहा, "सभी देशों ने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पूरा सम्मान किया है और उस प्रतिबंध पर ध्यान दिया है जिसे पिछले महीने सुरक्षा परिषद ने पारित किया था।"
अमेरिका संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को पूरी तरह लागू करने के अपने प्रयासों और अपने कानूनों के तहत अतिरिक्त कदम उठाने के बारे में बात कर रहा है। क्राउले ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पारित किए गए प्रतिबंधों को लागू करने के संबंध में सभी देश अपनी प्रतिबद्धता दिखाएंगे।"
उन्होंने प्रस्तावित ईरान-भारत-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन परियोजना की चिंताओं पर भी तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी।
अमेरिका की ताजा चिंता ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में है। क्राउले ने रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications