पाक जाने से पहले कृष्णा ने विपक्षी नेताओं से बात की
आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि कृष्णा ने लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक कृष्णा ने दोनों नेताओं को पाकिस्तान के साथ प्रस्तावित शांति वार्ता के मुद्दों से अवगत कराया और उन्हें विश्वास में लेने का प्रयास किया।
मुंबई हमले के बाद किसी भारतीय विदेश मंत्री का यह पहला पाकिस्तान दौरा हो रहा है। कृष्णा का यह दौरा विश्वास बहाली और दोनों देशों के बीच ठोस संवाद बहाल करने के रास्तों की तलाश करने पर केंद्रित होगा।
कृष्णा ने इससे पहले प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से भी भेंट की। बताया जाता है कि पाकिस्तान से होने वाली वार्ता के मुद्दों पर उन्होंने दोनों शीर्ष नेताओं से बात की।
कृष्णा के इस दौरे की बुनियाद उस समय पड़ी थी, जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दो महीने पहले भूटान में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से मुलाकात की थी।
विदेश मंत्रालय की ओर से सोमवार को कहा गया था कि यह दौरा दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की अप्रैल में थिंपू में हुई मुलाकात के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों और विदेश सचिवों को दिए गए उस निर्देश के क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसमें रिश्ते में विश्वास पैदा करने के तरीके तलाशने के लिए कहा गया था।
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात का मकसद आपसी चिंता के मुद्दों पर ठोस संवाद के लिए रास्ता तैयार करना है।
कृष्णा, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ कई सारे मुद्दों पर बातचीत करेंगे। बातचीत के दौरान पाकिस्तान द्वारा मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की दिशा में की गई प्रगति की समीक्षा की संभावना है। इसके अलावा पाकिस्तानी धरती से भारतीय हितों को निशाना बना रहे आतंकी संगठनों को लेकर भारत की मुख्य चिंता पर भी चर्चा की जा सकती है।
आधिकारिक सूत्रों ने यहां कहा कि आतंकवाद और जम्मू एवं कश्मीर सहित सभी मुद्दे बातचीत की मेज पर होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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