भारत में महिलाओं की स्थिति की समीक्षा करेगा संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 19 दिन के सत्र में भारत की समीक्षा की जाएगी। समिति 2002 के गुजरात नरसंहार के महिलाओं पर हुए असर के बारे में आई रिपोर्टों की समीक्षा करेगी।
समिति अर्जेटीना, फिजी, रूस, आस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी और अल्बेनिया में भी महिलाओं की स्थिति की समीक्षा करेगी।
विशेषज्ञों की एक समिति ने ऐसे कुछ क्षेत्रों का पता लगाया है जहां सरकारों को महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को दूर करना सुनिश्चित करना होगा। इनमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकना, उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना, भेदभाव रहित पारिवारिक कानून, लिंग आधारित रूढ़िवादिता को दूर करना और महिलाओं के अवैध व्यापार को रोकना शामिल है।
आठ समीक्षाओं के बाद विशेषज्ञ प्रत्येक देश की सरकार को सुझाव देंगे कि उन्हें महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को दूर करने के लिए और क्या करना चाहिए।
प्रत्येक देश के 'कंवेंशन ऑफ द एलिमिनेशन ऑफ ऑल फोर्म्स ऑफ डिस्क्रिमिनेशन अगेंस्ट वूमन' का हिस्सा बनने के बाद समिति उनकी नियमित समीक्षाएं करती रहेगी। वर्ष 1979 में अपनाए गए इस कंवेंशन को 186 देशों ने स्वीकार कर लिया है।
विशेषज्ञ प्रत्येक देश के सरकारी प्रतिनिधियों से पूछेंगे कि वह 30 अनुच्छेद वाले कंवेंशन की 16 मूल धाराओं के तहत महिलाओं द्वारा उनके अधिकारों के इस्तेमाल को किस तरह सुनिश्चित करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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