पाक ने की सीमापार घुसपैठ की शिकायत

पाकिस्तान के गृहमंत्री ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से सीमा पार कर पाकिस्तान आने वाले तालिबान चरमपंथियों को रोकने के लिए नेटो और अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से पर्याप्त क़दम नहीं उठाए जा रहे हैं.
उन्होंने मोहमंद इलाके में शुक्रवार को हुए भीषण बम हमले के लिए अफ़ग़ानिस्तान से आए चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.
इस साल के सबसे भीषण माने जा रहे इस हमले में सौ से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
पाकिस्तानी गृहमंत्री ने बीबीसी को बताया कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि हमलावर सीमा पार से आए थे.
ये हमला उस इलाक़े में हुआ था, जिसके बारे में पाकिस्तान सरकार ने ये दावा किया था कि वहां से चरमपंथियों का सफ़ाया कर दिया गया है.
रहमान मलिक ने कहा कि उन्होंने नेटो और अफ़गान सरकार से ये मांग की थी कि सीमापार से घुसपैठ को रोकने के लिए क़दम उठाए जाएं.
रहमान मलिक ने उन दावों का भी खंडन किया जिनमें ये कहा जा रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में गठबंधन सेना के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए पाकिस्तान से चरमपंथी सीमा पार जाते हैं.
पाकिस्तान में चरमपंथियों की सीमापर से खुली आवाजाही के सबूत भी मिलते हैं, लेकिन रहमान मलिक का कहना है कि उनकी सरकार ने इस पर रोक लगा दी है.
ऐसा नहीं है कि ये हमले मोहमंद जैसे कुछ सीमावर्ती इलाक़ों में होते हैं बल्कि पूरा देश इन चरमपंथी हमलों के आतंक में जी रहा है.
पाकिस्तान की जनता में इस बात को लेकर काफ़ी असंतोष है कि उनकी सरकार इन धमिकियों से निबटने में सक्षम नहीं है.












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