श्रीनगर में कर्फ्यू जारी, सेना की तैनाती लंबे अरसे तक नहीं (लीड-1)
चिदंबरम ने कहा कि सेना की तैनाती पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मदद के लिए की गई है, ताकि कर्फ्यू लगे श्रीनगर में कानून और व्यवस्था बहाल रहे।
हिंसाग्रस्त घाटी के कई भागों में कड़े प्रतिबंध जारी रहने को उचित बताते हुए चिदंबरम ने कहा कि बुधवार को दो छोटी वारदातों को छोड़कर घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण रही।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "आज (गुरुवार को) मुझे किसी वारदात की सूचना नहीं मिली है।"
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के आग्रह पर सेना की तैनाती की है।
मंत्री ने कहा, "सेना की तैनाती जम्मू एवं कश्मीर सरकार के आग्रह पर की गई। मुझे यह बताने की आजादी नहीं है कि तैनाती कहां-कहां की गई। लेकिन मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि ज्यादातर हिंसाग्रस्त जगहों पर जम्मू एवं कश्मीर पुलिस तथा अर्धसैनिक बल चौकसी बरत रहे हैं और जरूरत पड़ने पर कर्फ्यू लगा रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "सेना की तैनाती निवारक के रूप में की गई है और जरूरत पड़ने पर वह पूरी तरह तैयार रहेगी।"
चिदंबरम ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि सेना की जरूरत ज्यादा दिनों तक नहीं पड़ेगी। कर्फ्यू जरूरत पड़ने पर ही लगाया जाना चाहिए। अगले दो-तीन दिनों तक हर आदमी पर नजर रखी जाएगी।"
मंगलवार को हिंसा भड़का रहे लोगों पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके बाद घाटी के कई हिस्सों में सेना की मदद से बेमियादी कर्फ्यू लगा दिया गया था।
मंत्री ने घाटी में रह रहे अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को कर्फ्यू का उल्लंघन न करने दें और उन्हें सुरक्षा जवानों पर पत्थरबाजी करने से रोकें।
उन्होंने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर के लोगों से हमारा आग्रह है कि वे घरों के भीतर ही रहकर कर्फ्यू का मुआयाना करें। यह महत्वपूर्ण है कि लोग गलियों में न निकलें और पत्थरबाजी न करें। अभिभावक आश्वस्त करें कि उनके बच्चे और युवा घरों में ही कायम रहेंगे।"
श्रीनगर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "बुधवार को लागू किए गए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी। पुलिस ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है और उनसे सिर्फ आपात स्थिति में अपने इलाके में तैनात पुलिस बल से संपर्क करने के बाद ही बाहर निकलने को कहा गया है।"
अधिकारी ने बताया, "असामाजिक तत्वों से नागरिकों के जान-माल की हिफाजत करने के लिए कर्फ्यू लगाया गया है और जरूरत न रहने पर एक मिनट भी लागू नहीं रहेगा।"
उत्तरी कश्मीर के सोपोर, बारामूला, कुपवाड़ा, हंडवारा तथा दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, कोइमोह, पुलवामा और काकपोरा में गुरुवार को भी कर्फ्यू जारी है।
कश्मीर विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं अपने तय समय पर ही होंगी, जबकि जम्मू एवं कश्मीर लोक सेवा आयोग की व्यावसायिक परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।
राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घाटी के वर्तमान हालात से बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री पी. चिदंबरम को अवगत कराया था।
गृह सचिव जी.के.पिल्लै और सैन्य अभियान के महानिदेशक लेफ्टीनेंट जनरल ए.एम.वर्मा, श्रीनगर स्थित सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टीनेंट जी.एस.मारवाह और राज्य के पुलिस महानिदेश कुलदीप खोड़ा ने स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री के साथ बैठक की।
उल्लेखनीय है कि श्रीनगर में कानून एवं व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना की 17 टुकड़ियों ने बुधवार को फ्लैग मार्च किया था। श्रीनगर में मंगलवार को भीड़ और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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