बलात्कार पीड़ित ब्रिटिश महिला को सुरक्षा देने का निर्देश
न्यायालय ने हालांकि पीड़िता की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें इस मामले को जोधपुर उच्च न्यायालय से दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की बात कही गई थी।
न्यायमूर्ति मरक डेय काटजू और न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर की खंडपीठ ने यह भी कहा कि अभियुक्त प्रभात सिंह उर्फ राणा की अपील पर जोधपुर उच्च न्यायालय में उसे पहले जमानत देने वाली खंडपीठ से इतर कोई दूसरी खंडपीठ सुनवाई करेगी।
उदयपुर की एक त्वरित अदालत ने प्रभात सिंह को दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
प्रभात सिंह ने 23 दिसंबर 2007 की रात परदेशी अतिथि गृह में रुकी इस ब्रिटिश महिला के साथ बलात्कार किया था।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने प्रभात सिंह की सजा को निलंबित करते हुए 29 जुलाई 2008 को उसे जमानत दे दी थी।
इसके बाद हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने 16 जनवरी 2009 को उसकी जमानत को निरस्त करते हुए राजस्थान सरकार को उसे गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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