ब्रिटिश बैंकों में बोनस में कटौती होगी
लंदन, 8 जुलाई (आईएएनएस)। ब्रिटेन को दो साल पहले आर्थिक मंदी के भंवर तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार भारी जोखिम लेने वाले बैंकों में अब वेतन भत्तों में कमी का सिलसिला चल रहा है। कर्मचारियों के बोनस को सीमित करने के लिए बनाए जा रहे नए नियमों के जरिए अब इन्हें जनता के प्रति जिम्मेदार बनाया जाएगा।
यूरोपीय संघ में बुधवार को पारित किए गए नए नियमों के मुताबिक बैंकों में बोनस को सीमित कर दिया गया है। बोनस के तौर पर मिलने वाले नकद पैसों को कुल मूल्य के 30 प्रतिशत पर सीमित किया गया है। बोनस में यह कमी अगले पांच साल तक जारी रहेगी।
स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संसद द्वारा पारित इन नियमों के मुताबिक बैंकों के निदेशकों को भी अपने बोनस को न्यायसंगत बनाना होगा।
इस कानून के निर्माताओं का मानना है कि बोनस के प्रलोभन के चलते बैंकों द्वारा बड़े जोखिम लेने के कारण ही दुनिया में विश्व युद्ध के बाद का अब तक सबसे बड़ा आर्थिक संकट पैदा हुआ।
ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के इस कानून के मुताबिक अपने यहां क्रिसमस के अवसर पर दिए जाने वाले बोनस के बाद जनवरी में नया कानून बनाएगा।
इसके अलावा नए नियमों के अंतर्गत बैंकों के उस अधिकार पर रोक लगाने का फैसला भी किया गया है जिसके जरिए बैंक अपने कर्जदार उपभोक्ता को बिना बताए उसके अकाउंट से पैसे की निकासी कर सकते हैं।
इस विवादित अधिकार को खत्म करने से बैंक और बिल्डिंग सोसाइटियां अब कर्जदारों के खातों से मनमर्जी से पैसा नहीं निकाल पाएंगी।
नए प्रस्ताव के मुताबिक अब बैंकों को कर्जदारों से पैसा वसूलने के लिए उन्हें नोटिस देना होगा।
एक अन्य बदलाव के तहत बैंकों द्वारा लगाए जाने वाले भारी सेवा शुल्कों पर भी लगाम कसी गई है। अतिरिक्त पैसा निकालने पर बैंक उपभोक्ताओं से भारी शुल्क वसूलते हैं, इसके अलावा बैंक मॉर्टगेजस पर भारी रकम वसूलते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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