युवती को उसका चेहरा वापस मिला

लंदन में सात जुलाई 2005 को हुए चरमपंथी हमले की भयावहता का प्रतीक बनी युवती को वर्षों चले इलाज के बाद अपना चेहरा वापस मिल गया है.
लंदन हमले के पाँच साल पूरा होने पर डैविनिया टरेल नामक इस युवती की इलाज के बाद की तस्वीर सार्वजनिक की गई है.
हमले के बाद से लगातार डैविनिया के जले चेहरे का उपचार लंदन के चेल्सी एंड वेस्टमिंस्टर अस्पताल में चलता रहा.
अब उन्होंने आग से जले लोगों की सहायता के लिए 50 हज़ार पाउंड जुटाने के इस अस्पताल के अभियान को अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की है.
डैविनिया टरेल अब 29 साल की हो चुकी हैं. पिछले साल हुई शादी के बाद उनका औपचारिक नाम भी अब बदल कर डैविनिया डगलस हो चुका है.
सात जुलाई 2005 को लंदन के सार्वजनिक परिवहन तंत्र पर जब चरमपंथियों ने हमला किया तो डैविनिया एजवेयर रोड स्टेशन के पास एक भूमिगत ट्रेन में थी.
एक बम उनके ट्रेन कोच में फटा था. धमाके में तो वह बाल-बाल बच गईं, लेकिन कोच में फैले आग की लपटों ने उनके चेहरे के बायें हिस्से की खाल उधेड़ दी.
डैविनिया ने लंदन के अख़बार 'इवनिंग स्टैंडर्ड' को बताया कि जब वो ट्रेन के पीछे के हिस्से के कोच से बाहर निकल कर प्लेटफ़ार्म के द्वार की ओर आ रही थीं तो उन्हें इतनी बुरी तरह घायल होने का अहसास ही नहीं था.
उन्होंने कहा, "मुझे इस बात को बिल्कुल अहसास नहीं था कि मैं घायल हूँ. मैं तो पूरी तरह सदमे में थी. मुझे याद है मैं लोगों को कह रही थी कि मुझे काम पर जाना है."
डैविनिया ने कहा कि जब उन्हें पहली बार चेहरे को हुए नुक़सान की वास्तविकता पता चली तो उन्होंने यही सोचा कि शायद अब बाक़ी जिंदगी दाग़दार चेहरे के साथ गुजरेगी. लेकिन दिन बीतने के साथ-साथ सर्जन और मनोचिकित्सक उन्हें भरोसा दिलाने में सफल रहे कि उन्हें उनका अपना असल चेहरा वापस मिल सकेगा.
जब एक राहत और बचाव के लिए आया एक फ़ायरमैन डैविनिया को पास के आपात चिकित्सा शिविर तक ले जा रहा था तो उनका चेहता सुरक्षा मास्क से ढका हुआ था. यही वो पल था जब एक प्रेस फ़ोटोग्राफ़र ने उनकी तस्वीर उतारी.
देखते ही देखते तस्वीर पूरी दुनिया के मीडिया में छा गई, लंदन बम हमले की विभीषिका के एक प्रतीक के रूप में.
हमले में मारे गए 52 लोगों की याद में बुधवार को लंदन के हाइड पार्क में एक अनौपचारिक समारोह आयोजित किया गया है.












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